13 Money and banking (पिगू · सेन · बासु · ड्रेज़)

चार महान अर्थशास्त्री: पिगू, सेन, बासु, ड्रेज़ | विस्तृत विश्लेषण

📊 चार स्तंभ: पिगू · सेन · बासु · ड्रेज़

पिगोवियन टैक्स से लेकर MGNREGA तक — बिना किसी बात को छोड़े, विस्तार से

1. Arthur Cecil Pigou (1877–1959)

🏴󠁧󠁢󠁥󠁮󠁧󠁿 कैम्ब्रिज · कल्याण अर्थशास्त्र के जनक
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
पुस्तक का नामप्रकाशन वर्षमहत्व
Wealth and Welfare1912कल्याण अर्थशास्त्र की नींव रखी
The Economics of Welfare1920सबसे प्रसिद्ध – पिगोवियन टैक्स और बाह्यताओं का सिद्धांत
A Capital Levy and a Levy on War Wealth1920युद्ध के बाद की वित्तीय व्यवस्था पर
The Political Economy of War1921युद्ध वित्तपोषण पर विश्लेषण
The Theory of Unemployment1933बेरोजगारी का सिद्धांत
Employment and Equilibrium1941रोजगार और संतुलन पर
🧠 जीवन परिचय
तथ्यविवरण
जन्म18 नवंबर 1877, आइल ऑफ वाइट, इंग्लैंड
मृत्यु7 मार्च 1959, कैम्ब्रिज, इंग्लैंड
शिक्षाहैरो स्कूल; किंग्स कॉलेज, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय
प्रोफेसरशिप1908 में अल्फ्रेड मार्शल के उत्तराधिकारी – 35 वर्षों तक राजनीतिक अर्थशास्त्र के प्रोफेसर
समकालीनजॉन मेनार्ड कीन्स – पिगू ने कीन्स के व्याख्याता पद को निजी तौर पर वित्तपोषित किया (1909 तक)
🏆 नोबेल पुरस्कार ❌ नहीं मिला – उनके समय नोबेल अर्थशास्त्र पुरस्कार 1969 में शुरू हुआ
🧠 मुख्य थ्योरी: पिगोवियन टैक्स और कल्याण अर्थशास्त्र
📌 एक लाइन में: “बाजार में जब निजी लाभ और सामाजिक लाभ में अंतर हो, तो सरकार को टैक्स या सब्सिडी से हस्तक्षेप करना चाहिए।”

विस्तार: पिगू ने कहा कि उद्योगपति केवल अपने निजी सीमांत हित देखते हैं। बाह्यता (externality) – “ऐसी लागतें जो सीधे तौर पर शामिल नहीं लोगों पर डाली जाती हैं, जैसे रेलवे इंजनों की चिंगारियों से आसपास के जंगलों को बिना मुआवजे का नुकसान।”
दो प्रकार: नकारात्मक बाह्यता → टैक्स (प्रदूषण, शोर) ; सकारात्मक बाह्यता → सब्सिडी (शिक्षा, स्वास्थ्य)।
एकमुश्त पूँजी कर प्रस्ताव: प्रथम विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन का कर्ज £7.1 बिलियन था – 25% का एकमुश्त पूँजी कर अमीरों पर, क्योंकि “युद्ध के असाधारण अवसर पर सबसे चौड़े कंधों पर भार होना चाहिए।”
🧾 मान्यताएँ
  • पिगोवियन टैक्स आज भी प्रचलित – कार्बन टैक्स, तम्बाकू कर, शर्करा युक्त पेय, प्लास्टिक बैग कर।
  • विलियम बॉमोल ने आधुनिक ढाँचा दिया; पर्यावरण अर्थशास्त्र की आधारशिला।
⚠️ आलोचनाएँ
  • प्रशासनिक लागत, बचत के लिए हतोत्साहन, पूँजी का पलायन। पिगू का उत्तर: एकमुश्त पूँजी कर से पूँजी की कुल मात्रा प्रभावित नहीं होगी।
🔁 किसने आगे बढ़ाया / क्रिटिसाइज किया?

आगे: विलियम बॉमोल, केनेथ एरो। आलोचना: रोनाल्ड कोस (Coase Theorem – यदि संपत्ति के अधिकार स्पष्ट हों, बिना टैक्स के भी बाजार समाधान कर सकता है) और मुक्त बाजार अर्थशास्त्री।

🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध: पिगू प्रभाव (Real Balance Effect)

कीन्स के तरलता जाल को चुनौती – कीमतें गिरने पर लोगों की वास्तविक संपत्ति बढ़ती है → अधिक खर्च → मंदी कम होती है। RBI के लिए: अपस्फीति के समय भी अर्थव्यवस्था में सुधार संभव।

2. Amartya Sen (जन्म 1933)

🇮🇳 शांतिनिकेतन · नोबेल पुरस्कार 1998 · क्षमता दृष्टिकोण
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
पुस्तक का नामप्रकाशन वर्षमहत्व
Poverty and Famines: An Essay on Entitlement and Deprivation1981सबसे प्रसिद्ध – अकाल विश्लेषण में अधिकार दृष्टिकोण
Development as Freedom1999विकास को स्वतंत्रता के रूप में परिभाषित
The Argumentative Indian2005भारतीय संस्कृति और बहस पर
Identity and Violence2007पहचान की राजनीति
The Idea of Justice2010न्याय का सिद्धांत
🧠 जीवन परिचय
तथ्यविवरण
जन्म1933, शांतिनिकेतन, भारत (ढाका में पले-बढ़े)
शिक्षासंस्कृत, गणित, भौतिकी; ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज
पदहार्वर्ड विश्वविद्यालय में लेमोंट प्रोफेसर; ट्रिनिटी कॉलेज के मास्टर (1998-2004)
पुरस्कार2012 नेशनल ह्यूमैनिटीज मेडल; 2020 जर्मन बुक ट्रेड शांति पुरस्कार
🏆 नोबेल पुरस्कार ✅ 1998 कल्याण अर्थशास्त्र में योगदान – पहले एशियाई नोबेल विजेता (अर्थशास्त्र)
🧠 मुख्य थ्योरी: अधिकार दृष्टिकोण (Entitlement Approach)
📌 एक लाइन में: “अकाल भोजन की कमी से नहीं, बल्कि लोगों की भोजन तक पहुँच के अधिकार में कमी से आते हैं।”

चार अधिकार: उत्पादन-आधारित, श्रम-आधारित, स्थानांतरण-आधारित, विरासत-आधारित।
बंगाल अकाल 1943: भोजन की आपूर्ति बहुत कम नहीं थी, लेकिन मछुआरों, भूमिहीनों की क्रय शक्ति गिर गई → अधिकारों का पतन (entitlement collapse)।
महत्व: विश्व बैंक, UNDP ने मानव विकास सूचकांक (HDI) के विकास में सेन के विचारों का उपयोग किया।
🔁 किसने आगे बढ़ाया?

जीन ड्रेज़ (भारतीय सामाजिक विकास पर सहयोग), मार्था नुस्बाम (क्षमता दृष्टिकोण)।

🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध

गरीबी मापन – सेन इंडेक्स; RBI और सरकार द्वारा उपयोग। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) – सेन के अधिकार दृष्टिकोण की अवधारणा: पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाना चाहिए। वित्तीय समावेशन का दार्शनिक आधार।

3. Kaushik Basu (जन्म 1952)

🇮🇳 भारत · विश्व बैंक मुख्य अर्थशास्त्री · गेम थ्योरी & कानून
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
पुस्तक का नामप्रकाशन वर्षमहत्व
The Republic of Beliefs: A New Approach to Law and Economics2018सबसे प्रसिद्ध – फोकल प्वाइंट दृष्टिकोण
Beyond the Invisible Hand2011अदृश्य हाथ सिद्धांत से परे
Prelude to Political Economy2000राजनीतिक अर्थशास्त्र की नींव
🧠 जीवन परिचय
तथ्यविवरण
जन्म1952, भारत
शिक्षासेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली; LSE से पीएच.डी.
पदकॉर्नेल विश्वविद्यालय (कार्ल मार्क्स प्रोफेसर); विश्व बैंक मुख्य अर्थशास्त्री (2012-2016)
भारत सरकारमुख्य आर्थिक सलाहकार (2009-2012)
🏆 नोबेल पुरस्कार ❌ अभी तक नहीं मिला (संभावित)
🧠 मुख्य थ्योरी: फोकल प्वाइंट दृष्टिकोण – कानून और अर्थशास्त्र
📌 एक लाइन: “कानून सिर्फ कागजों पर लिखे शब्द नहीं – वे तभी प्रभावी जब लोग उन्हें सामाजिक मानदंड के रूप में स्वीकार करें।”

फोकल प्वाइंट: गेम थ्योरी में वह बिंदु जहाँ लोग बिना समन्वय के अपेक्षाओं के आधार पर पहुँच जाते हैं।
रिश्वत उदाहरण: यदि रिश्वत देने वाले और लेने वाले दोनों को समान दंड, तो मिलीभगत; बासु सुझाव: लेने वालों को अधिक कठोर दंड।
PDS सुधार: वाउचर सीधे गरीबों को दिए जाएँ, दुकानदारों को नहीं, ताकि सब्सिडी का दुरुपयोग रुके।
🧾 मान्यताएँ

विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री रहते हुए कानून-आर्थिक सुधार; भारत सरकार में PDS और प्रतिस्पर्धा नीति सुझाव।

🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध

DBT को बढ़ावा – सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में। बासु का फोकल प्वाइंट ढाँचा RBI/SEBI जैसे नियामकों को यह समझने में मदद करता है कि नियमों का पालन क्यों होता है या नहीं। कानून प्रभावशीलता और वित्तीय बाजारों में विश्वास का सिद्धांत।

4. Jean Drèze (जन्म 1959)

🇧🇪 बेल्जियम · भारतीय विकास अर्थशास्त्री · MGNREGA, PDS, सामाजिक न्याय
📘 प्रमुख कृतियाँ / योगदान
पुस्तक / योगदानप्रकाशन वर्षमहत्व
India: Social Development Report1990 के दशक सेभारत के सामाजिक विकास का व्यापक मूल्यांकन
Hunger and Public Action (Sen के साथ)1989भुखमरी और सार्वजनिक नीति पर मौलिक कार्य
India: Development and Participation (Sen के साथ)2002भारतीय विकास और जनभागीदारी
🧠 जीवन परिचय
तथ्यविवरण
जन्म1959, बेल्जियम
शिक्षाइकोले पॉलिटेक्निक, पेरिस; LSE से पीएच.डी.
विशेषज्ञताभारतीय विकास – भुखमरी, असमानता, पोषण, सार्वजनिक योजनाएँ
भारत संबंधग्रामीण भारत में फील्ड एक्टिविस्ट, अमर्त्य सेन के साथ घनिष्ठ सहयोग
🏆 नोबेल पुरस्कार ❌ अब तक नहीं मिला (अर्थशास्त्री + सामाजिक कार्यकर्ता)
🧠 मुख्य योगदान: भारत में सार्वजनिक कार्रवाई और सामाजिक विकास
📌 एक लाइन: “भुखमरी और गरीबी दूर करने के लिए सरकारी कार्रवाई आवश्यक – केवल बाजार पर निर्भरता पर्याप्त नहीं।”

4 प्रमुख क्षेत्र: भुखमरी (PDS, मिड-डे मील), शिक्षा (RTE अधिनियम 2009), पोषण (बाल कुपोषण शोध), MGNREGA 2005 – डिजाइन और कार्यान्वयन में प्रत्यक्ष योगदान।
सेन-ड्रेज़ साझेदारी: विकास अर्थशास्त्र के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगों में से।
🧾 मान्यताएँ एवं आलोचनाएँ

मान्यता: MGNREGA, RTE, मिड-डे मील, PDS पर गहरा प्रभाव; भारतीय सामाजिक नीति के सबसे प्रभावशाली विद्वान।
आलोचना: मुक्त बाजार अर्थशास्त्री – सरकारी हस्तक्षेप अत्यधिक; कुछ प्रस्ताव (विशाल PDS विस्तार) वित्तीय रूप से अव्यवहारिक माने गए।

🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध

MGNREGA मजदूरी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) → वित्तीय समावेशन को बढ़ावा। PDS सुधार: वाउचर/DBT सीधे बैंक खाते में। RBI के लिए: जन धन खातों के उपयोग, सामाजिक योजनाओं की बैंकिंग प्रणाली से जुड़ाव।

✅ नोबेल पुरस्कार सारणी (स्पष्टीकरण सहित)
अर्थशास्त्रीनोबेलवर्षकारण / स्पष्टीकरण
A.C. Pigouनोबेल अर्थशास्त्र 1969 में शुरू, उनकी मृत्यु 1959 में
Amartya Sen1998कल्याण अर्थशास्त्र में योगदान, पहले एशियाई नोबेल विजेता
Kaushik Basuअभी तक नहीं मिला (संभावित उम्मीदवार)
Jean Drèzeअर्थशास्त्री + सामाजिक कार्यकर्ता – अब तक नोबेल नहीं
📌 सारांश तालिका (एक नज़र में सबकुछ)
अर्थशास्त्रीमुख्य थ्योरीप्रमुख पुस्तक / योगदानवर्षमनी और बैंकिंग संबंध
PigouPigouvian Tax, ExternalitiesThe Economics of Welfare1920पिगू प्रभाव (Real Balance Effect) – कीन्स के तरलता जाल को चुनौती
SenEntitlement ApproachPoverty and Famines1981गरीबी मापन (Sen Index); DBT और वित्तीय समावेशन का दार्शनिक आधार
BasuFocal Point ApproachThe Republic of Beliefs2018DBT, PDS वाउचर, कानून-प्रभावशीलता – RBI/SEBI के लिए ढाँचा
DrèzePublic Action, Social DevelopmentIndia: Social Development Report1990-2000sMGNREGA, PDS, DBT – RBI वित्तीय समावेशन, जन धन योजनाएँ

बिना किसी बात को छोड़े – पूर्ण विवरण, प्रारूप के अनुसार। पिगू, सेन, बासु और ड्रेज़ के सिद्धांत, आलोचनाएँ, मौद्रिक नीति से जुड़ाव और नोबेल स्थिति।

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