11. Money and banking (A.C. Pigou · Amartya Sen · Kaushik Basu · Jean Drèze)
📊 A.C. Pigou · Amartya Sen · Kaushik Basu · Jean Drèze
प्रकाशन वर्ष, नोबेल पुरस्कार, मुख्य थ्योरी, और मनी एंड बैंकिंग संबंध | UGC NET Economics
1. Arthur Cecil Pigou (1877–1959)
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| Wealth and Welfare | 1912 | कल्याण अर्थशास्त्र की नींव रखी |
| The Economics of Welfare | 1920 | सबसे प्रसिद्ध – पिगोवियन टैक्स और बाह्यताओं (externalities) का सिद्धांत |
| A Capital Levy and a Levy on War Wealth | 1920 | युद्ध के बाद की वित्तीय व्यवस्था पर |
| The Political Economy of War | 1921 | युद्ध वित्तपोषण पर विश्लेषण |
| The Theory of Unemployment | 1933 | बेरोजगारी का सिद्धांत |
| Employment and Equilibrium | 1941 | रोजगार और संतुलन पर |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 18 नवंबर 1877, आइल ऑफ वाइट, इंग्लैंड
- मृत्यु: 7 मार्च 1959, कैम्ब्रिज, इंग्लैंड
- प्रोफेसरशिप: 1908 में अल्फ्रेड मार्शल के उत्तराधिकारी के रूप में राजनीतिक अर्थशास्त्र के प्रोफेसर (35 वर्षों तक)
- समकालीन: जॉन मेनार्ड कीन्स – पिगू ने कीन्स के व्याख्याता पद को निजी तौर पर वित्तपोषित किया (1909 तक)
🏆 नोबेल पुरस्कार
❌ नहीं मिला – उनके समय नोबेल अर्थशास्त्र पुरस्कार 1969 में शुरू हुआ
🧠 मुख्य थ्योरी: पिगोवियन टैक्स (Pigouvian Tax) और कल्याण अर्थशास्त्र
"बाजार में जब निजी लाभ और सामाजिक लाभ में अंतर हो, तो सरकार को टैक्स या सब्सिडी से हस्तक्षेप करना चाहिए।"
- नकारात्मक बाह्यता (Negative Externality): प्रदूषण, शोर → टैक्स (पिगोवियन टैक्स)
- सकारात्मक बाह्यता (Positive Externality): शिक्षा, स्वास्थ्य → सब्सिडी
- पिगू का एकमुश्त पूँजी कर (Capital Levy) प्रस्ताव: युद्ध ऋण चुकाने के लिए अमीरों पर 25% का एकमुश्त कर
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
पिगू प्रभाव (Pigou Effect) / वास्तविक संतुलन प्रभाव – कीन्स के तरलता जाल (Liquidity Trap) को चुनौती दी। कीमतें गिरने पर लोगों की वास्तविक संपत्ति बढ़ती है → अधिक खर्च → माँग बढ़ती है → मंदी कम होती है।
पिगू प्रभाव (Pigou Effect) / वास्तविक संतुलन प्रभाव – कीन्स के तरलता जाल (Liquidity Trap) को चुनौती दी। कीमतें गिरने पर लोगों की वास्तविक संपत्ति बढ़ती है → अधिक खर्च → माँग बढ़ती है → मंदी कम होती है।
✅ त्वरित याद: "Pigou ने Tax लगाया बाह्यता पर, Externality हुई Negative तो कर, Positive तो सब्सिडी।"
2. Amartya Sen (जन्म 1933)
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| Poverty and Famines: An Essay on Entitlement and Deprivation | 1981 | सबसे प्रसिद्ध – अधिकार दृष्टिकोण (Entitlement Approach) |
| Development as Freedom | 1999 | विकास को स्वतंत्रता के रूप में परिभाषित किया |
| The Argumentative Indian | 2005 | भारतीय संस्कृति और बहस पर |
| Identity and Violence | 2007 | पहचान की राजनीति पर |
| The Idea of Justice | 2010 | न्याय का सिद्धांत |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1933, शांतिनिकेतन, भारत
- शिक्षा: संस्कृत, गणित और भौतिकी में रुचि के बाद अर्थशास्त्र में बस गए; ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज
- पद: हार्वर्ड विश्वविद्यालय में लेमोंट विश्वविद्यालय प्रोफेसर; ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज के मास्टर (1998-2004)
🏆 नोबेल पुरस्कार
✅ 1998 – कल्याण अर्थशास्त्र (Welfare Economics) में योगदान के लिए
👉 पहले एशियाई जिन्हें अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला
👉 पहले एशियाई जिन्हें अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला
🧠 मुख्य थ्योरी: अधिकार दृष्टिकोण (Entitlement Approach) – अकाल विश्लेषण
"अकाल भोजन की कमी (food shortage) से नहीं, बल्कि लोगों की भोजन तक पहुँच के अधिकार में कमी से आते हैं।"
- उत्पादन-आधारित अधिकार: किसान अपनी फसल
- श्रम-आधारित अधिकार: मजदूर की तनख्वाह
- स्थानांतरण-आधारित अधिकार: परिवार से मदद
- विरासत-आधारित अधिकार: जमीन, संपत्ति
- उदाहरण – बंगाल अकाल (1943): भोजन की आपूर्ति कम नहीं थी; मछुआरों, भूमिहीन श्रमिकों की क्रय शक्ति गिर गई थी
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
गरीबी मापन (Sen Index) – RBI और सरकार द्वारा गरीबी मापन में उपयोग। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) – सेन के अधिकार दृष्टिकोण का व्यावहारिक रूप।
गरीबी मापन (Sen Index) – RBI और सरकार द्वारा गरीबी मापन में उपयोग। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) – सेन के अधिकार दृष्टिकोण का व्यावहारिक रूप।
✅ त्वरित याद: "Sen ने बताया, Famine आती है Entitlement से, खाने की कमी से नहीं, पहुँच की कमी से।"
3. Kaushik Basu (जन्म 1952)
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| The Republic of Beliefs: A New Approach to Law and Economics | 2018 | सबसे प्रसिद्ध – फोकल प्वाइंट (focal point) दृष्टिकोण |
| Beyond the Invisible Hand | 2011 | अदृश्य हाथ सिद्धांत से परे |
| Prelude to Political Economy | 2000 | राजनीतिक अर्थशास्त्र की नींव |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1952, भारत
- पद: कॉर्नेल विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर
- विश्व बैंक: मुख्य अर्थशास्त्री (Chief Economist) और वरिष्ठ उपाध्यक्ष (2012-2016)
- भारत सरकार: मुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Adviser) (2009-2012)
🧠 मुख्य थ्योरी: फोकल प्वाइंट दृष्टिकोण – कानून और अर्थशास्त्र
"कानून सिर्फ कागजों पर लिखे शब्द नहीं हैं – वे तभी प्रभावी होते हैं जब लोग उन्हें सामाजिक मानदंड के रूप में स्वीकार करते हैं।"
- उदाहरण – रिश्वत (Bribe): रिश्वत लेने वालों को अधिक कठोर दंड दिया जाना चाहिए
- उदाहरण – खाद्य सब्सिडी (PDS): वाउचर सीधे गरीबों को दिए जाने चाहिए, न कि दुकानदारों को
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
PDS सुधार – DBT (Direct Benefit Transfer) को बढ़ावा; सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में। कानून का प्रभावी क्रियान्वयन – RBI और SEBI जैसे नियामकों के लिए ढांचा।
PDS सुधार – DBT (Direct Benefit Transfer) को बढ़ावा; सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में। कानून का प्रभावी क्रियान्वयन – RBI और SEBI जैसे नियामकों के लिए ढांचा।
✅ त्वरित याद: "Basu ने सिखाया, Law तभी चलता है जब Focal Point बनता है, Bribe में लेने वाले को भारी सजा।"
4. Jean Drèze (जन्म 1959)
📘 प्रमुख कृतियाँ / योगदान
| पुस्तक / योगदान | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| India: Social Development Report | 1990 के दशक से | भारत के सामाजिक विकास का व्यापक मूल्यांकन |
| Hunger and Public Action (Amartya Sen के साथ) | 1989 | भुखमरी और सार्वजनिक नीति पर मौलिक कार्य |
| India: Development and Participation (Amartya Sen के साथ) | 2002 | भारतीय विकास और जनभागीदारी पर |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1959, बेल्जियम
- विशेषज्ञता: भारतीय विकास अर्थशास्त्र – भुखमरी, सामाजिक असमानता, पोषण
- समकालीन: अमर्त्य सेन के साथ घनिष्ठ सहयोग
- भारत से संबंध: ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष कार्यकर्ता (field activist)
🧠 मुख्य योगदान: भारत में सामाजिक विकास और सार्वजनिक नीति विश्लेषण
"भुखमरी और गरीबी को दूर करने के लिए सरकारी कार्रवाई (public action) की आवश्यकता है – केवल बाजार पर निर्भरता पर्याप्त नहीं है।"
- भुखमरी: PDS और मध्याह्न भोजन योजना का विस्तार
- शिक्षा: शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 में योगदान
- MGNREGA (2005): ग्रामीण रोजगार योजना के डिजाइन में योगदान
- सेन के साथ सहयोग: Hunger and Public Action (1989), India: Development and Participation (2002)
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
MGNREGA मजदूरी सीधे बैंक खातों में (DBT) → वित्तीय समावेशन। PDS सुधार – वाउचर / DBT सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में। जन धन खातों (Jan Dhan accounts) के उपयोग को बढ़ावा।
MGNREGA मजदूरी सीधे बैंक खातों में (DBT) → वित्तीय समावेशन। PDS सुधार – वाउचर / DBT सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में। जन धन खातों (Jan Dhan accounts) के उपयोग को बढ़ावा।
✅ त्वरित याद: "Drèze ने कहा, Public Action से होगा विकास, MGNREGA, RTE, PDS से मिटेगा अभाव।"
✅ नोबेल पुरस्कार सारणी (स्पष्टीकरण सहित)
| अर्थशास्त्री | नोबेल | वर्ष | कारण / स्पष्टीकरण |
|---|---|---|---|
| A.C. Pigou | ❌ | — | Nobel Economics 1969 में शुरू हुआ, उनकी मृत्यु 1959 में |
| Amartya Sen | ✅ | 1998 | कल्याण अर्थशास्त्र में योगदान, पहले एशियाई नोबेल विजेता |
| Kaushik Basu | ❌ | — | अभी तक नोबेल नहीं मिला (संभावित) |
| Jean Drèze | ❌ | — | अर्थशास्त्री + सामाजिक कार्यकर्ता – अब तक नोबेल नहीं मिला |
📌 सारांश तालिका (एक नज़र में सबकुछ)
| अर्थशास्त्री | मुख्य थ्योरी | प्रमुख पुस्तक/योगदान | वर्ष | मनी और बैंकिंग संबंध |
|---|---|---|---|---|
| Pigou | Pigouvian Tax, Externalities | The Economics of Welfare | 1920 | पिगू प्रभाव (Real Balance Effect) – कीन्स के तरलता जाल को चुनौती |
| Sen | Entitlement Approach | Poverty and Famines | 1981 | गरीबी मापन (Sen Index); DBT और वित्तीय समावेशन का दार्शनिक आधार |
| Basu | Focal Point Approach | The Republic of Beliefs | 2018 | DBT, PDS वाउचर, कानून-प्रभावशीलता – RBI/SEBI जैसे नियामकों के लिए ढाँचा |
| Drèze | Public Action, Social Development | India: Social Development Report | 1990s-2000s | MGNREGA, PDS, DBT – सीधे RBI और सरकार की योजनाओं से जुड़ा |
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