17 Money and banking (Amartya Sen · Kaushik Basu · Raghuram Rajan · C. Rangarajan · Y.V. Reddy · Arvind Panagariya · Thomas Piketty)

सात महान अर्थशास्त्री: विस्तृत परिचय, सिद्धांत और योगदान

📚 भारत与世界 के सात महान अर्थशास्त्री

Amartya Sen · Kaushik Basu · Raghuram Rajan · C. Rangarajan · Y.V. Reddy · Arvind Panagariya · Thomas Piketty
प्रारूप: पूर्ण विवरण, थ्योरी, पुस्तकें, नोबेल, मनी और बैंकिंग संबंध

1. Amartya Sen (जन्म 1933)

🏆 नोबेल पुरस्कार 1998 🏛️ हार्वर्ड विश्वविद्यालय
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
पुस्तक का नामप्रकाशन वर्षमहत्व
Poverty and Famines: An Essay on Entitlement and Deprivation1981सबसे प्रसिद्ध – अकाल विश्लेषण में अधिकार दृष्टिकोण (Entitlement Approach)
Development as Freedom1999विकास को स्वतंत्रता के रूप में परिभाषित किया
The Argumentative Indian2005भारतीय संस्कृति और बहस पर
The Idea of Justice2010न्याय का सिद्धांत
🧠 जीवन परिचय
जन्म1933, शांतिनिकेतन, भारत
शिक्षाPresidency College, Calcutta; Trinity College, Cambridge (B.A., M.A., Ph.D.)
1943 बंगाल अकाल अनुभव9 वर्ष की आयु में अकाल को जीवित देखा – इस अनुभव ने कार्य को गहराई से प्रभावित किया
प्रोफेसरशिपJadavpur University, Delhi School of Economics, LSE, Oxford, Harvard
पदHarvard University (Lamont University Professor Emeritus); Trinity College, Cambridge के Master (1998-2004)
✅ नोबेल पुरस्कार 1998 – कल्याण अर्थशास्त्र (Welfare Economics) में योगदान। पहले एशियाई अर्थशास्त्री। पुरस्कार राशि ~$978,000। नोबेल समिति: "सामाजिक विकल्प के स्वयंसिद्ध सिद्धांत से लेकर गरीबी और अकाल के अनुभवजन्य अध्ययन तक।"
🧠 मुख्य थ्योरी: अधिकार दृष्टिकोण (Entitlement Approach) – अकाल विश्लेषण
“अकाल भोजन की कमी (food shortage) से नहीं, बल्कि लोगों की भोजन तक पहुँच के अधिकार (entitlement) में कमी से आते हैं।”
चार प्रकार के अधिकार: उत्पादन-आधारित, श्रम-आधारित, स्थानांतरण-आधारित, विरासत-आधारित।
बंगाल अकाल 1943: खाद्य आपूर्ति बहुत कम नहीं थी, लेकिन मछुआरों, भूमिहीनों की क्रय शक्ति गिर गई।
सेन इंडेक्स (गरीबी मापन): तीन बातें – गरीबों की संख्या, गरीबी गैप, और गरीबों के बीच वितरण।
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध: गरीबी मापन में सेन इंडेक्स का RBI उपयोग; प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) एवं वित्तीय समावेशन – जन धन खातों का विस्तार सेन के दर्शन से प्रेरित।

2. Kaushik Basu (जन्म 1952)

📘 प्रमुख किताबें
पुस्तकवर्षमहत्व
The Republic of Beliefs: A New Approach to Law and Economics2018कानून और अर्थशास्त्र का फोकल प्वाइंट दृष्टिकोण
Beyond the Invisible Hand2011अदृश्य हाथ सिद्धांत से परे
Prelude to Political Economy2000राजनीतिक अर्थशास्त्र की नींव
🧠 जीवन परिचय: जन्म 1952, भारत। शिक्षा: St. Stephen's College, Delhi; LSE से Ph.D. कॉर्नेल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA: Dec 2009 – July 2012); विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री (2012-2016); Centre for Development Economics, DSE के संस्थापक।
🧠 मुख्य थ्योरी: फोकल प्वाइंट दृष्टिकोण (कानून और अर्थशास्त्र)
"कानून सिर्फ कागजों पर लिखे शब्द नहीं – तभी प्रभावी जब लोग उन्हें सामाजिक मानदंड के रूप में स्वीकार करें।" गेम थ्योरी का उपयोग, नागरिकों और राज्य पदाधिकारियों दोनों को मॉडल करता है। फोकल प्वाइंट: वह बिंदु जहाँ बिना समन्वय के अपेक्षाओं के आधार पर लोग पहुँचते हैं। रिश्वत उदाहरण – रिश्वत लेने वालों को अधिक कठोर दंड।
🏦 मनी और बैंकिंग संबंध: PDS सुधार – DBT को बढ़ावा; कानून का प्रभावी क्रियान्वयन RBI/SEBI जैसे नियामकों के लिए।

3. Raghuram Rajan (जन्म 1963)

📘 प्रमुख किताबें
I Do What I Do2017RBI गवर्नर के भाषण एवं नीतियाँ
Fault Lines: How Hidden Fractures Still Threaten the World Economy20102008 वैश्विक वित्तीय संकट के कारणों का विश्लेषण
🧠 जीवन परिचय: जन्म 1963, भोपाल। शिक्षा: IIT Delhi (B.Tech), IIM Ahmedabad (MBA), MIT Sloan (Ph.D.)। शिकागो बूथ स्कूल में प्रोफेसर। RBI गवर्नर (4 Sep 2013 – 4 Sep 2016)।
🏦 RBI गवर्नर के मुख्य योगदान: भारत को 'Fragile Five' से बाहर निकाला; मुद्रास्फीति लक्ष्य की नींव रखी, मुद्रास्फीति 5% से नीचे लाई; विदेशी मुद्रा भंडार $363 बिलियन से अधिक; रुपये को 68.80 से स्थिर किया; मसाला बॉण्ड को बढ़ावा; वित्तीय समावेशन। 'उल्लू' सिद्धांत – केंद्रीय बैंक को कबूतर या बाज़ नहीं, बल्कि उल्लू (परिस्थिति अनुसार नीति परिवर्तन)।

4. C. Rangarajan (जन्म 1932)

📘 प्रमुख कृतियाँ: Indian Economy: Essays on Money and Finance (मौद्रिक अर्थशास्त्र), प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष।
🧠 जीवन परिचय: जन्म 1932, शिक्षा University of Madras; University of Pennsylvania (Ph.D.)। RBI गवर्नर (22 Dec 1992 – 22 Nov 1997, लगभग 5 वर्ष)। आर्थिक सुधारों (1991) के बाद RBI की बागडोर संभाली। गवर्नर के बाद PM आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष।
🏦 गवर्नर योगदान: आर्थिक सुधारों के दौरान नेतृत्व; बैंकिंग प्रणाली में सुधार – नरसिंहम समिति सिफारिशों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका; मुद्रास्फीति नियंत्रण पर ध्यान।

5. Y.V. Reddy (जन्म 1941)

📘 प्रमुख कृतियाँ: India and the Global Financial Crisis: Managing Money and Finance (2009) – संकट के दौरान RBI नीतियों का लेखा-जोखा; Economic Policies in India।
🧠 जीवन परिचय: जन्म 1941, शिक्षा Osmania University; University of Madras (Ph.D.)। RBI गवर्नर (6 Sep 2003 – 5 Sep 2008 – पूर्ण 5-वर्षीय कार्यकाल)। 14वें वित्त आयोग के अध्यक्ष बने।
🏦 गवर्नर योगदान: 'Fortress Reddy' – 2008 वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान किले की तरह खड़े रहे। पूंजी खाता परिवर्तनीयता पर सतर्क रुख, बैंकिंग प्रणाली मजबूत बनाई।

6. Arvind Panagariya (जन्म 1952)

📘 प्रमुख किताबें
India: The Emerging Giant2008भारत के आर्थिक विकास का विश्लेषण
Why Growth Matters (Jagdish Bhagwati के साथ)2013विकास और सामाजिक नीतियाँ
Free Trade and Prosperity2019व्यापार उदारीकरण लाभ
🧠 जीवन परिचय: जन्म 1952, Princeton University से Ph.D., Columbia University में Professor of Indian Political Economy। NITI Aayog उपाध्यक्ष (Jan 2015 – Aug 2017)। पद्म भूषण (March 2012)।
🏦 NITI Aayog उपाध्यक्ष के रूप में योगदान: NITI Aayog की संरचना व दिशा निर्धारण; बजट पूर्व परामर्श; राज्यों के साथ सहकारी संघवाद; आर्थिक सुधारों की वकालत।

7. Thomas Piketty (जन्म 1971)

📘 प्रमुख किताबें
Capital in the Twenty-First Century2013 (French) / 2014 (English)असमानता पर मौलिक कार्य, r > g सूत्र
Capital and Ideology2019असमानता के वैचारिक कारण
A Brief History of Equality2021असमानता के इतिहास का संक्षिप्त विवरण
🧠 जीवन परिचय: जन्म 1971, Clichy, France। London School of Economics (LSE) से Ph.D. (2000)। Paris School of Economics में प्रोफेसर; EHESS में। शोध क्षेत्र: आर्थिक असमानता (धन और आय वितरण)।
🧠 मुख्य थ्योरी: असमानता और पूंजी पर वापसी – r > g
“जब पूंजी पर वापसी की दर (r) आर्थिक विकास दर (g) से अधिक होती है, तो असमानता बढ़ती है।” 20 देशों के 250 वर्षों के डेटा का विश्लेषण। निष्कर्ष: 1914-1945 में असमानता गिरी, 1980 के बाद फिर बढ़ी। समाधान: वैश्विक पूंजी कर, प्रगतिशील आयकर, सामाजिक राज्य (शिक्षा-स्वास्थ्य-पेंशन में निवेश)।
🧾 मान्यताएँ: "Capital in the Twenty-First Century" NYT #1 Bestseller; वैश्विक बहस बदली; "Modern Marx" के रूप में संदर्भित।
⚠️ आलोचनाएँ: डेटा संबंधी त्रुटियाँ, वैश्विक संपत्ति कर की व्यावहारिकता कठिन, पूंजी की परिभाषा (सार्वजनिक एवं मानव पूंजी की उपेक्षा)।
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध: ब्याज दर नीति – r > g सूत्र से केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरें दीर्घकाल में संपत्ति वितरण प्रभावित करती हैं; वित्तीय डीरेगुलेशन ने r को बढ़ाकर असमानता बढ़ाई; मुद्रास्फीति लक्ष्य बनाम संपत्ति की कीमतों पर बहस।

✅ नोबेल पुरस्कार सारणी (स्पष्टीकरण सहित)

अर्थशास्त्रीनोबेल वर्षकारण / स्पष्टीकरण
Amartya Sen✅ 1998कल्याण अर्थशास्त्र, गरीबी और अकाल विश्लेषण – पहले एशियाई
Thomas Piketty❌ —अभी तक नोबेल नहीं मिला (व्यापक रूप से संभावित उम्मीदवार)
Kaushik Basu❌ —अभी तक नोबेल नहीं मिला
Raghuram Rajan❌ —अभी तक नोबेल नहीं मिला

📌 सारांश तालिका (एक नज़र में सबकुछ)

अर्थशास्त्रीमुख्य थ्योरी/योगदानप्रमुख पुस्तक (वर्ष)प्रमुख पद/उपलब्धि
Amartya SenEntitlement Approach, Welfare EconomicsPoverty and Famines (1981)Nobel Prize 1998
Kaushik BasuFocal Point Approach (Law & Economics)The Republic of Beliefs (2018)CEA (2009-12), World Bank Chief Economist
Raghuram RajanMonetary Policy, Financial StabilityI Do What I Do (2017)RBI Governor 2013-2016
C. RangarajanMonetary EconomicsIndian Economy: Essays on Money and FinanceRBI Governor 1992-1997
Y.V. ReddyFinancial Crisis ManagementIndia and the Global Financial Crisis (2009)RBI Governor 2003-2008, 'Fortress Reddy'
Arvind PanagariyaTrade and Growth, ReformsIndia: The Emerging Giant (2008)NITI Aayog VC 2015-17, Padma Bhushan
Thomas PikettyInequality, r > g, Wealth DistributionCapital in the 21st Century (2013)20 देशों, 250 वर्षों का डेटा विश्लेषण
© विस्तृत शैक्षणिक प्रारूप — सभी सात अर्थशास्त्रियों का पूर्ण विवरण, बिना किसी बात को छोड़े, मूल जानकारी, थ्योरी, पुस्तकें, नोबेल, एवं मनी-बैंकिंग संबंध सहित।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

1st paper 3 june

REASONING BY PIYUSH VARSHNEY

16 Econometrics (OLS under Violations)