13 Money and banking (Ronald Coase · Elinor Ostrom · Kenneth Arrow)
📊 Ronald Coase · Elinor Ostrom · Kenneth Arrow
प्रकाशन वर्ष, नोबेल पुरस्कार, मुख्य थ्योरी, और मनी एंड बैंकिंग संबंध | UGC NET Economics
1. Ronald H. Coase (1910–2013)
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1910, लंदन, इंग्लैंड
- मृत्यु: 2013 (102 वर्ष)
- शिक्षा: London School of Economics – B.Com (1932), Ph.D. (1951)
- पद: University of Chicago Law School में प्रोफेसर
- संस्थापक: "लेनदेन लागत अर्थशास्त्र" के संस्थापक
🏆 नोबेल पुरस्कार
✅ 1991 – "लेनदेन लागत, संपत्ति के अधिकार, और संस्थानों के महत्व के लिए"
🧠 मुख्य थ्योरी: कोस प्रमेय (Coase Theorem) और लेनदेन लागत (Transaction Costs)
"यदि संपत्ति के अधिकार स्पष्ट हैं और लेनदेन लागत शून्य है, तो बाजार बिना सरकारी हस्तक्षेप के बाह्यता का समाधान कर लेगा।"
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
बैंक लेनदेन लागत को कम करने के लिए विकसित हुए (सेविंगकर्ताओं और उधारकर्ताओं के बीच मध्यस्थ)। RBI विनियमन में Coase का सिद्धांत – बैंक और ग्राहक संपत्ति अधिकारों को स्पष्ट करके आपसी समझौते से समाधान निकाल सकते हैं।
बैंक लेनदेन लागत को कम करने के लिए विकसित हुए (सेविंगकर्ताओं और उधारकर्ताओं के बीच मध्यस्थ)। RBI विनियमन में Coase का सिद्धांत – बैंक और ग्राहक संपत्ति अधिकारों को स्पष्ट करके आपसी समझौते से समाधान निकाल सकते हैं।
✅ त्वरित याद: "Coase ने बताया, अधिकार स्पष्ट हों और लागत शून्य, तो बाजार खुद सुलझाएगा अनबन।"
2. Elinor Ostrom (1933–2012)
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| Governing the Commons: The Evolution of Institutions for Collective Action | 1990 | सबसे प्रसिद्ध – "कॉमन्स की त्रासदी" का समाधान |
| Understanding Institutional Diversity | 2005 | संस्थागत विविधता का सिद्धांत |
| The Samaritan's Dilemma | 2005 | विकास सहायता में प्रोत्साहन समस्याओं पर |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1933, लॉस एंजिल्स, USA
- मृत्यु: 2012
- शिक्षा: UCLA – B.A. 1954, M.A. 1962, Ph.D. 1965 (Political Science)
- पद: Indiana University में Arthur F. Bentley Professor of Political Science
🏆 नोबेल पुरस्कार
✅ 2009 – "सामान्य संसाधनों के आर्थिक प्रबंधन में उनके विश्लेषण के लिए"
👉 पहली महिला जिन्हें अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला
👉 पहली महिला जिन्हें अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला
🧠 मुख्य थ्योरी: "कॉमन्स की त्रासदी" का समाधान – 8 सिद्धांत
"सामान्य संसाधन को न तो केवल बाजार निजीकरण से, न ही केवल सरकारी राष्ट्रीयकरण से – बल्कि स्थानीय समुदायों के सहकारी स्व-शासन से बचाया जा सकता है।"
- 1. स्पष्ट सीमाएँ – संसाधन और उपयोगकर्ता स्पष्ट
- 2. स्थानीय परिस्थितियों से मेल खाते नियम – स्थानीय अनुकूलन
- 3. सामूहिक विकल्प व्यवस्था – नियम बदलने में भागीदारी
- 4. निगरानी – उपयोगकर्ताओं या उनके प्रति उत्तरदायी व्यक्तियों द्वारा
- 5. अनुपातिक दंड – उल्लंघन की गंभीरता के अनुपात में दंड
- 6. संघर्ष समाधान तंत्र – सस्ती और स्थानीय मध्यस्थता
- 7. बाहरी अधिकारियों द्वारा स्व-संगठन के अधिकार की मान्यता – बिना हस्तक्षेप के नियम बनाने का अधिकार
- 8. नेस्टेड उद्यम – कई स्तरों में संगठन
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
स्वयं सहायता समूह (SHGs), सहकारी बैंक – Ostrom के सिद्धांतों पर संचालित। Nabard और RBI SHG बैंकिंग और सहकारी बैंकों को नियमित करने के लिए Ostrom के सिद्धांतों का उपयोग करते हैं।
स्वयं सहायता समूह (SHGs), सहकारी बैंक – Ostrom के सिद्धांतों पर संचालित। Nabard और RBI SHG बैंकिंग और सहकारी बैंकों को नियमित करने के लिए Ostrom के सिद्धांतों का उपयोग करते हैं।
✅ त्वरित याद: "Ostrom ने बताया, Commons बचेगा जब Local खुद करे शासन, निजी या सरकारी नहीं।"
3. Kenneth Arrow (1921–2017)
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| "A Difficulty in the Concept of Social Welfare" (लेख) | 1950 | असंभवता प्रमेय का मूल संस्करण |
| Social Choice and Individual Values | 1951 | सबसे प्रसिद्ध – असंभवता प्रमेय का विस्तृत प्रमाण |
| The Limits of Organization | 1974 | संगठनों की सीमाओं पर |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1921, न्यूयॉर्क शहर, USA
- मृत्यु: 2017
- शिक्षा: Columbia University – B.S. (Mathematics), M.A., Ph.D. (Economics 1951)
- पद: Stanford University में Professor Emeritus
🏆 नोबेल पुरस्कार
✅ 1972 – "सामान्य आर्थिक संतुलन और कल्याण अर्थशास्त्र में मौलिक योगदान के लिए" (John Hicks के साथ)
🧠 मुख्य थ्योरी: एरो की असंभवता प्रमेय (Arrow's Impossibility Theorem)
"तीन या अधिक विकल्पों के साथ, एक ऐसी मतदान प्रणाली बनाना असंभव है जो कुछ निष्पक्षता मानदंडों को हर स्थिति में संतुष्ट करती हो।"
- अपरिबद्ध डोमेन: सभी तार्किक प्राथमिकताओं की अनुमति
- अतार्किकता नहीं: कोई एक व्यक्ति तानाशाह नहीं
- पारेतो दक्षता: सभी को A पसंद तो सामूहिक भी A पसंद
- अप्रासंगिक विकल्पों से स्वतंत्रता (IIA): केवल A और B की प्राथमिकताओं पर निर्भर
- सार्वभौमिक क्षमता: पूर्ण क्रम में परिणाम
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
RBI की MPC वोटिंग – Arrow का प्रमेय बताता है कि ब्याज दर पर वोटिंग में आंतरिक असंगतियाँ हो सकती हैं। सामान्य संतुलन – RBI मुद्रा आपूर्ति और मुद्रास्फीति के बीच संबंधों को मॉडल करने के लिए सामान्य संतुलन ढाँचे का उपयोग करता है।
RBI की MPC वोटिंग – Arrow का प्रमेय बताता है कि ब्याज दर पर वोटिंग में आंतरिक असंगतियाँ हो सकती हैं। सामान्य संतुलन – RBI मुद्रा आपूर्ति और मुद्रास्फीति के बीच संबंधों को मॉडल करने के लिए सामान्य संतुलन ढाँचे का उपयोग करता है।
✅ त्वरित याद: "Arrow ने सिद्ध किया, Fair Voting System संभव नहीं, जब हों तीन या अधिक choices।"
✅ नोबेल पुरस्कार सारणी (स्पष्टीकरण सहित)
| अर्थशास्त्री | नोबेल | वर्ष | कारण / स्पष्टीकरण |
|---|---|---|---|
| Ronald Coase | ✅ | 1991 | लेनदेन लागत, संपत्ति अधिकार, संस्थान (32 वर्ष बाद "The Problem of Social Cost" प्रकाशित हुआ) |
| Elinor Ostrom | ✅ | 2009 | सामान्य संसाधनों के आर्थिक प्रबंधन के लिए (पहली महिला) |
| Kenneth Arrow | ✅ | 1972 | सामान्य संतुलन और कल्याण अर्थशास्त्र (John Hicks के साथ) |
📌 सारांश तालिका (एक नज़र में सबकुछ)
| अर्थशास्त्री | मुख्य थ्योरी/योगदान | प्रमुख पुस्तक/लेख | वर्ष | नोबेल | विशेष |
|---|---|---|---|---|---|
| Coase | Coase Theorem, Transaction Costs | "The Problem of Social Cost" | 1960 | 1991 | चार दशक बाद नोबेल |
| Ostrom | Common-pool resource governance, 8 principles | Governing the Commons | 1990 | 2009 | पहली महिला Nobel in Economics |
| Arrow | Impossibility Theorem, General Equilibrium | Social Choice and Individual Values | 1951 | 1972 | सबसे कम उम्र (51) (तब) |
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