13 Money and banking (Amartya Sen · Kaushik Basu · Raghuram Rajan · C. Rangarajan · Y.V. Reddy · Arvind Panagariya · Thomas Piketty)
📊 Amartya Sen · Kaushik Basu · Raghuram Rajan · C. Rangarajan · Y.V. Reddy · Arvind Panagariya · Thomas Piketty
प्रकाशन वर्ष, नोबेल पुरस्कार, मुख्य थ्योरी, और मनी एंड बैंकिंग संबंध | UGC NET Economics
1. Amartya Sen (जन्म 1933)
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| Poverty and Famines: An Essay on Entitlement and Deprivation | 1981 | सबसे प्रसिद्ध – अधिकार दृष्टिकोण (Entitlement Approach) विकसित किया |
| Development as Freedom | 1999 | विकास को स्वतंत्रता के रूप में परिभाषित किया |
| The Argumentative Indian | 2005 | भारतीय संस्कृति और बहस पर |
| The Idea of Justice | 2010 | न्याय का सिद्धांत |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1933, शांतिनिकेतन, भारत
- शिक्षा: Presidency College, Calcutta; Trinity College, Cambridge (B.A., M.A., Ph.D.)
- 1943 के बंगाल अकाल का अनुभव: 9 वर्ष की आयु में इस अकाल को जीवित देखा – इस अनुभव ने उनके जीवन और कार्य को गहराई से प्रभावित किया
- प्रोफेसरशिप: Jadavpur University, Delhi School of Economics, LSE, Oxford, Harvard
- पद: Harvard University में Lamont University Professor Emeritus; Trinity College, Cambridge के Master (1998-2004)
🏆 नोबेल पुरस्कार
✅ 1998 – कल्याण अर्थशास्त्र (Welfare Economics) में योगदान के लिए
👉 पहले एशियाई जिन्हें अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला
👉 पहले एशियाई जिन्हें अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला
🧠 मुख्य थ्योरी: अधिकार दृष्टिकोण (Entitlement Approach) – अकाल विश्लेषण
"अकाल भोजन की कमी से नहीं, बल्कि लोगों की भोजन तक पहुँच के अधिकार में कमी से आते हैं।"
- उत्पादन-आधारित अधिकार: किसान अपनी फसल
- श्रम-आधारित अधिकार: मजदूर की तनख्वाह
- स्थानांतरण-आधारित अधिकार: परिवार से मदद
- विरासत-आधारित अधिकार: जमीन, संपत्ति
- उदाहरण – बंगाल अकाल (1943): भोजन की आपूर्ति कम नहीं थी; मछुआरों, भूमिहीन श्रमिकों की क्रय शक्ति गिर गई थी
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
गरीबी मापन (Sen Index) – RBI और सरकार द्वारा गरीबी मापन में उपयोग। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) – सेन के अधिकार दृष्टिकोण का व्यावहारिक रूप।
गरीबी मापन (Sen Index) – RBI और सरकार द्वारा गरीबी मापन में उपयोग। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) – सेन के अधिकार दृष्टिकोण का व्यावहारिक रूप।
✅ त्वरित याद: "Sen ने बताया, Famine आती है Entitlement से, खाने की कमी से नहीं, पहुँच की कमी से।"
2. Kaushik Basu (जन्म 1952)
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| The Republic of Beliefs: A New Approach to Law and Economics | 2018 | सबसे प्रसिद्ध – फोकल प्वाइंट दृष्टिकोण |
| Beyond the Invisible Hand | 2011 | अदृश्य हाथ सिद्धांत से परे |
| Prelude to Political Economy | 2000 | राजनीतिक अर्थशास्त्र की नींव |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1952, भारत
- शिक्षा: St. Stephen's College, Delhi; LSE (Ph.D.)
- पद: Cornell University में Professor of Economics
- भारत सरकार: मुख्य आर्थिक सलाहकार (2009-2012)
- विश्व बैंक: मुख्य अर्थशास्त्री (2012-2016)
- संस्थापक: Centre for Development Economics, Delhi School of Economics (1992)
🧠 मुख्य थ्योरी: फोकल प्वाइंट दृष्टिकोण – कानून और अर्थशास्त्र
"कानून सिर्फ कागजों पर लिखे शब्द नहीं हैं – वे तभी प्रभावी होते हैं जब लोग उन्हें सामाजिक मानदंड के रूप में स्वीकार करते हैं।"
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
PDS सुधार – DBT (Direct Benefit Transfer) को बढ़ावा। कानून का प्रभावी क्रियान्वयन – RBI और SEBI जैसे नियामकों के लिए ढांचा।
PDS सुधार – DBT (Direct Benefit Transfer) को बढ़ावा। कानून का प्रभावी क्रियान्वयन – RBI और SEBI जैसे नियामकों के लिए ढांचा।
✅ त्वरित याद: "Basu ने सिखाया, Law तभी चलता है जब Focal Point बनता है।"
3. Raghuram Rajan (जन्म 1963)
📘 प्रमुख किताबें
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| I Do What I Do | 2017 | RBI गवर्नर के रूप में उनके भाषणों और नीतियों का संग्रह |
| Fault Lines: How Hidden Fractures Still Threaten the World Economy | 2010 | 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के कारणों का विश्लेषण |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1963, भोपाल, भारत
- शिक्षा: IIT Delhi (B.Tech), IIM Ahmedabad (MBA), MIT Sloan (Ph.D.)
- शैक्षणिक पद: University of Chicago Booth School of Business में प्रोफेसर
- RBI गवर्नर: 4 September 2013 – 4 September 2016
🏦 RBI गवर्नर के रूप में मुख्य योगदान
- भारत को 'Fragile Five' से बाहर निकाला
- मुद्रास्फीति लक्ष्य (Inflation Targeting) की नींव रखी
- विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाकर $363 बिलियन से अधिक किया
- 'मसाला बॉन्ड' (Masala Bonds) को बढ़ावा दिया
- "उल्लू (Owl)" सिद्धांत – परिस्थितियों के अनुसार नीति बदलना
✅ त्वरित याद: "Rajan ने कहा, Fragile Five से निकाला, Inflation Targeting की नींव रखी, Owl बनो Dove या Hawk नहीं।"
4. C. Rangarajan (जन्म 1932)
📘 प्रमुख कृतियाँ
| योगदान | विवरण |
|---|---|
| Indian Economy: Essays on Money and Finance | मौद्रिक अर्थशास्त्र पर महत्वपूर्ण कार्य |
| प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष | गवर्नर के बाद प्रमुख पद |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1932
- शिक्षा: University of Madras; University of Pennsylvania (Ph.D.)
- RBI गवर्नर: 22 December 1992 – 22 November 1997 (लगभग 5 वर्ष)
- 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद RBI की बागडोर संभाली
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
आर्थिक सुधारों के दौरान RBI का नेतृत्व; Narasimham Committee की सिफारिशों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका; मुद्रास्फीति नियंत्रण पर ध्यान।
आर्थिक सुधारों के दौरान RBI का नेतृत्व; Narasimham Committee की सिफारिशों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका; मुद्रास्फीति नियंत्रण पर ध्यान।
✅ त्वरित याद: "Rangarajan ने संभाला सुधारों का दौर, Narasimham सिफारिशों का किया अमल, मुद्रास्फीति पर रखा ध्यान।"
5. Y.V. Reddy (जन्म 1941)
📘 प्रमुख कृतियाँ
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| India and the Global Financial Crisis: Managing Money and Finance | 2009 | वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान RBI की नीतियों का लेखा-जोखा |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1941
- शिक्षा: Osmania University; University of Madras (Ph.D.)
- RBI गवर्नर: 6 September 2003 – 5 September 2008 (पूर्ण 5-वर्षीय कार्यकाल)
- 14वें वित्त आयोग के अध्यक्ष
🏦 RBI गवर्नर के रूप में मुख्य योगदान
- 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान 'किले' की तरह खड़े रहे – "Fortress Reddy" के नाम से प्रसिद्ध
- पूंजी खाता परिवर्तनीयता पर सतर्क रुख
- बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाया
✅ त्वरित याद: "Reddy ने बनाया Fortress, Global Crisis में किया सामना मजबूत, Capital Account पर सतर्क दिखा रुख।"
6. Arvind Panagariya (जन्म 1952)
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| India: The Emerging Giant | 2008 | भारत के आर्थिक विकास का व्यापक विश्लेषण |
| Why Growth Matters (Jagdish Bhagwati के साथ) | 2013 | विकास और सामाजिक नीतियों पर |
| Free Trade and Prosperity | 2019 | व्यापार उदारीकरण के लाभों पर |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1952
- शिक्षा: Princeton University (Ph.D.)
- प्रोफेसर: Columbia University में Professor of Indian Political Economy
- NITI Aayog उपाध्यक्ष: January 2015 – August 2017
- पुरस्कार: Padma Bhushan (March 2012)
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
NITI Aayog के संरचना और दिशा निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका; राज्यों के साथ सहकारी संघवाद को बढ़ावा; आर्थिक सुधारों की वकालत।
NITI Aayog के संरचना और दिशा निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका; राज्यों के साथ सहकारी संघवाद को बढ़ावा; आर्थिक सुधारों की वकालत।
✅ त्वरित याद: "Panagariya ने लिखा Emerging Giant, NITI Aayog में दिया योगदान महान।"
7. Thomas Piketty (जन्म 1971)
📘 प्रमुख किताबें (प्रकाशन वर्ष सहित)
| पुस्तक का नाम | प्रकाशन वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| Capital in the Twenty-First Century | 2013/2014 | सबसे प्रसिद्ध – असमानता (Inequality) पर मौलिक कार्य |
| Capital and Ideology | 2019 | असमानता के वैचारिक कारणों पर |
| A Brief History of Equality | 2021 | असमानता के इतिहास का संक्षिप्त विवरण |
🧠 जीवन परिचय
- जन्म: 1971, Clichy, France
- शिक्षा: LSE (Ph.D., 2000)
- पद: Paris School of Economics में Professor
- शोध क्षेत्र: आर्थिक असमानता – धन और आय का वितरण
🧠 मुख्य थ्योरी: असमानता (Inequality) और पूंजी पर वापसी
r > g (r = पूंजी पर वापसी की दर, g = आर्थिक विकास दर)
- जब r > g होता है, तो असमानता बढ़ती है
- 20 देशों, 250 वर्षों (18वीं सदी से 21वीं सदी तक) का डेटा विश्लेषण
- समाधान: वैश्विक पूंजी कर, प्रगतिशील आयकर, सामाजिक राज्य में निवेश
🏦 मनी और बैंकिंग से संबंध:
ब्याज दर नीति – r > g सूत्र यह समझने में मदद करता है कि केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरें दीर्घकाल में संपत्ति वितरण को कैसे प्रभावित करती हैं। 1980 के बाद के वित्तीय डीरेगुलेशन ने r को बढ़ाया और असमानता को बढ़ावा दिया।
ब्याज दर नीति – r > g सूत्र यह समझने में मदद करता है कि केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरें दीर्घकाल में संपत्ति वितरण को कैसे प्रभावित करती हैं। 1980 के बाद के वित्तीय डीरेगुलेशन ने r को बढ़ाया और असमानता को बढ़ावा दिया।
✅ त्वरित याद: "Piketty ने बताया, r > g से बढ़े असमानता, Wealth Tax से होगा सुधार।"
✅ नोबेल पुरस्कार सारणी (स्पष्टीकरण सहित)
| अर्थशास्त्री | नोबेल | वर्ष | कारण / स्पष्टीकरण |
|---|---|---|---|
| Amartya Sen | ✅ | 1998 | कल्याण अर्थशास्त्र, गरीबी और अकाल विश्लेषण – पहले एशियाई |
| Thomas Piketty | ❌ | — | अभी तक नोबेल नहीं मिला (व्यापक रूप से संभावित उम्मीदवार) |
| Kaushik Basu | ❌ | — | अभी तक नोबेल नहीं मिला |
| Raghuram Rajan | ❌ | — | अभी तक नोबेल नहीं मिला |
📌 सारांश तालिका (एक नज़र में सबकुछ)
| अर्थशास्त्री | मुख्य थ्योरी/योगदान | प्रमुख पुस्तक | वर्ष | प्रमुख पद/उपलब्धि |
|---|---|---|---|---|
| Sen | Entitlement Approach, Welfare Economics | Poverty and Famines | 1981 | Nobel Prize 1998 |
| Basu | Focal Point Approach (Law & Economics) | The Republic of Beliefs | 2018 | CEA (2009-2012), World Bank Chief Economist |
| Rajan | Monetary Policy, Financial Stability | I Do What I Do | 2017 | RBI Governor 2013-2016 |
| Rangarajan | Monetary Economics | Indian Economy: Essays on Money and Finance | — | RBI Governor 1992-1997 |
| Reddy | Financial Crisis Management | India and the Global Financial Crisis | 2009 | RBI Governor 2003-2008, 'Fortress Reddy' |
| Panagariya | Trade and Growth, Economic Reforms | India: The Emerging Giant | 2008 | NITI Aayog VC 2015-2017, Padma Bhushan |
| Piketty | Inequality, r > g, Wealth Distribution | Capital in the Twenty-First Century | 2013 | 20 देशों, 250 वर्षों का डेटा विश्लेषण |
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