16 All economics School
📚 अर्थशास्त्र के 12 स्कूल — 12 Schools of Economics
| क्र.सं. | हिंदी नाम | English Name | समय अवधि | मुख्य विचार (एक लाइन में) | प्रमुख अर्थशास्त्री | एक लाइन में पहचान |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | मर्केंटाइलिज्म | Mercantilism | 1500–1776 | "ज्यादा बेचो, कम खरीदो – सोना-चाँदी जमा करो" | थॉमस मुन, जीन बैप्टिस्ट कॉलबर्ट | "व्यापार से संपत्ति" |
| 2 | फिजियोक्रेसी | Physiocracy | 1750–1776 | "ज़मीन ही असली संपत्ति है – उद्योग बाँझ है" | फ्रैंकोइस क्वेस्ने, विन्सेंट डी गोर्ने | "कृषि ही धन का स्रोत" |
| 3 | शास्त्रीय अर्थशास्त्र | Classical Economics | 1776–1870 | "बाजार अपने आप ठीक हो जाता है – सरकार दखल न दे" | एडम स्मिथ, डेविड रिकार्डो, जे. एस. मिल, माल्थस | "अदृश्य हाथ" |
| 4 | मार्क्सवादी अर्थशास्त्र | Marxian Economics | 1848–प्रस्तुत | "पूंजीवाद में शोषण है – एक दिन ढह जाएगा" | कार्ल मार्क्स, फ्रेडरिक एंगेल्स | "श्रम ही मूल्य का स्रोत" |
| 5 | नवशास्त्रीय अर्थशास्त्र | Neoclassical Economics | 1870–प्रस्तुत | "सीमांत उपयोगिता – कीमतें माँग-आपूर्ति से तय" | अल्फ्रेड मार्शल, विलियम जेवन्स, लियोन वाल्रास | "सीमांत क्रांति" |
| 6 | केन्सियन अर्थशास्त्र | Keynesian Economics | 1936–प्रस्तुत | "मंदी में सरकार खर्च बढ़ाए – बेरोजगारी कम करे" | जॉन मेनार्ड केन्स | "माँग से विकास" |
| 7 | मुद्रावाद | Monetarism | 1960–प्रस्तुत | "महंगाई हमेशा मौद्रिक घटना है – पैसा नियंत्रित करो" | मिल्टन फ्रीडमैन | "पैसा ही राजा है" |
| 8 | नया शास्त्रीय अर्थशास्त्र | New Classical Economics | 1970–प्रस्तुत | "लोग तर्कसंगत हैं – सरकार की नीति बेअसर है" | रॉबर्ट लुकास, थॉमस सार्जेंट | "तर्कसंगत अपेक्षाएँ" |
| 9 | नया केन्सियन अर्थशास्त्र | New Keynesian Economics | 1980–प्रस्तुत | "कीमतें और मजदूरी कठोर हैं – सरकारी हस्तक्षेप जरूरी" | ग्रेगरी मैनकीव, जोसेफ स्टिग्लिट्ज़ | "नई कीमत कठोरता" |
| 10 | अंतर्जात विकास सिद्धांत | Endogenous Growth Theory | 1980–प्रस्तुत | "ज्ञान और आइडिया से विकास अंदर से बनता है" | पॉल रोमर, रॉबर्ट लुकास, सर्जियो रेबेलो | "आइडिया ही पूंजी" |
| 11 | व्यवहारिक अर्थशास्त्र | Behavioural Economics | 1990–प्रस्तुत | "इंसान हमेशा तर्कशील नहीं – भावना और पूर्वाग्रह से भी चलता है" | डैनियल कन्नमैन, रिचर्ड थेलर | "नज (Nudge) सिद्धांत" |
| 12 | संस्थागत अर्थशास्त्र | Institutional Economics | 1898–प्रस्तुत | "कानून, नियम, और सामाजिक मानदंड अर्थव्यवस्था तय करते हैं" | थॉर्स्टीन वेब्लेन, जॉन केनेथ गैलब्रेथ, डैरन ऐसमोग्लू | "समावेशी vs अपवादी संस्थाएँ" |
| हिंदी नाम | English Name | एक लाइन में मुख्य अंतर |
|---|---|---|
| मर्केंटाइलिज्म | Mercantilism | संपत्ति = सोना-चाँदी; निर्यात > आयात |
| फिजियोक्रेसी | Physiocracy | संपत्ति = ज़मीन; केवल कृषि उत्पादक |
| शास्त्रीय अर्थशास्त्र | Classical Economics | बाजार अपने आप संतुलित; Laissez-faire |
| मार्क्सवादी अर्थशास्त्र | Marxian Economics | पूंजीवाद में शोषण; क्रांति अपरिहार्य |
| नवशास्त्रीय अर्थशास्त्र | Neoclassical Economics | सीमांत उपयोगिता; माँग-आपूर्ति से कीमत |
| केन्सियन अर्थशास्त्र | Keynesian Economics | सरकार खर्च बढ़ाए; माँग से विकास |
| मुद्रावाद | Monetarism | महंगाई = अत्यधिक मुद्रा आपूर्ति |
| नया शास्त्रीय अर्थशास्त्र | New Classical Economics | तर्कसंगत अपेक्षाएँ; नीति बेअसर |
| नया केन्सियन अर्थशास्त्र | New Keynesian Economics | कीमत-मजदूरी कठोर; हस्तक्षेप जरूरी |
| अंतर्जात विकास सिद्धांत | Endogenous Growth Theory | ज्ञान और आइडिया से विकास |
| व्यवहारिक अर्थशास्त्र | Behavioural Economics | मनुष्य अतर्कशील; भावना और पूर्वाग्रह |
| संस्थागत अर्थशास्त्र | Institutional Economics | कानून और संस्थाएँ अर्थव्यवस्था तय करती हैं |
🎯 याद रखने का मंत्र (हिंदी + अंग्रेज़ी)
"Mercantile – Gold चाहिए, Physio – Land चाहिए, Classical – Market छोड़ो, Marx – Exploitation तोड़ो, Neoclassical – Marginal देखो, Keynesian – Spend बढ़ाओ, Monetarist – Money रोको, New Classical – Policy बेअसर, New Keynesian – Price कठोर, Endogenous – Idea लाओ, Behavioural – Emotion समझो, Institutional – Rules बनाओ"
"Mercantile – Gold चाहिए, Physio – Land चाहिए, Classical – Market छोड़ो, Marx – Exploitation तोड़ो, Neoclassical – Marginal देखो, Keynesian – Spend बढ़ाओ, Monetarist – Money रोको, New Classical – Policy बेअसर, New Keynesian – Price कठोर, Endogenous – Idea लाओ, Behavioural – Emotion समझो, Institutional – Rules बनाओ"
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