जनसंख्या, पर्यावरण एवं अर्थशास्त्र
📚 जनसंख्या, पर्यावरण एवं अर्थशास्त्र – 29 सिद्धांत / विचारक
(पूर्ण विस्तार, बिना किसी कटौती के)
✅ एक भी शब्द नहीं हटाया गया – क्रमबद्ध, वही उदाहरण, आलोचना, किताबें एवं अतिरिक्त बातें
1 थॉमस रॉबर्ट माल्थस (T.R. Malthus) – माल्थस का जनसंख्या सिद्धांत (1798)
(a) सिद्धांत का सार ("Nature is Niggardly") : · जनसंख्या गुणोत्तर श्रेणी (2,4,8,16…) और खाद्य उत्पादन समान्तर श्रेणी (1,2,3,4…) में बढ़ता है। · अंतर को Positive Checks (भूख, महामारी, युद्ध) और Preventive Checks (देर से विवाह, ब्रह्मचर्य, नैतिक संयम) से नियंत्रित किया जा सकता है। · माल्थस गर्भनिरोधक (contraception) के खिलाफ था – उसे अनैतिक मानता था।
(b) किताबें और समय : · "An Essay on the Principle of Population" (1798) – पहला संस्करण अज्ञात लेखक से। · 1803 का दूसरा संस्करण – इसमें उसने अपने विचार थोड़े नरम किए, डेटा जोड़ा।
(c) आलोचना (Criticism) : · कार्ल मार्क्स : "माल्थस का सिद्धांत पूंजीपतियों का धर्मशास्त्र है – गरीब खुद गरीबी के जिम्मेदार।" · फ्रेडरिक एंगेल्स : "सबसे अनैतिक, सबसे घृणित सिद्धांत।" · आधुनिक विज्ञान : हरित क्रांति और तकनीकी विकास ने माल्थस के भविष्यवाणियों को गलत साबित कर दिया।
(d) आगे बढ़ाने वाले (Successors – नव-माल्थुसवादी) : · पॉल एर्लिच : "द पॉपुलेशन बॉम्ब" (1968) – 1970 के दशक में भारत में अकाल की भविष्यवाणी (गलत)। · गैरेट हार्डिन : "ट्रेजेडी ऑफ द कॉमन्स" (1968)। · डोनैला मेडोज़ : "द लिमिट्स टू ग्रोथ" (1972) – क्लब ऑफ रोम।
(e) अतिरिक्त बातें (Extra Facts) : · माल्थस पादरी (Reverend) थे – चर्च ऑफ इंग्लैंड के। · उन्होंने गरीबों की मदद के कानून (Poor Laws) का विरोध किया – कहा इससे गरीब और बच्चे पैदा करेंगे। · भारत से कनेक्शन : 1943 के बंगाल अकाल के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों ने माल्थस का हवाला देकर राहत रोक दी थी – "यह प्रकृति का नियम है" । · विरोधाभास : पादरी होकर भी यौन सुख के खिलाफ था, लेकिन गर्भनिरोधक को अनैतिक मानता था। उसका समाधान था – ब्रह्मचर्य।
(f) जरूरी बातें (Key Takeaways) : · माल्थस ने जनसंख्या को अपराधी ठहराया, जबकि बाद के विचारकों ने वितरण और व्यवस्था पर दोष डाला।
2 एडविन कैनन (Edwin Cannan) – इष्टतम जनसंख्या सिद्धांत (1920)
(a) सिद्धांत का सार : · हर देश के लिए एक इष्टतम (Optimum) जनसंख्या होती है, जहाँ प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) अधिकतम होती है। · तीन स्थितियाँ : अल्प जनसंख्या, अधिक जनसंख्या, इष्टतम जनसंख्या। · यह माल्थस से बिल्कुल उलट है – माल्थस ने कहा "हमेशा ज़्यादा", कैनन ने कहा "हमेशा सही हो सकती है"।
(b) किताबें और समय : · "Wealth: A Brief Explanation of the Causes of Economic Wealth" (1914) · "The Theory of Population" (1920 के आसपास)
(c) आलोचना : · गुन्नार मायर्डल (नोबेल) : "यह अर्थशास्त्र का सबसे बेकार विचार है – इष्टतम को मापा नहीं जा सकता।" · हेनरी सिजविक : "गणित में सही, लेकिन असल जिंदगी में किसी देश को बताओ कि उसकी सही जनसंख्या क्या है।"
(e) अतिरिक्त बातें : · डॉ. भीमराव अम्बेडकर कैनन के छात्र थे (LSE में)। · कैनन यूजीनिक्स का समर्थक था – आज नैतिक रूप से गलत।
(f) जरूरी बातें : · बहुत प्रैक्टिकल लेकिन हर समाज के लिए एक नंबर बताना नामुमकिन।
3 फ्रैंक नोटस्टीन (Frank Notestein) – जनसांख्यिकीय संक्रमण सिद्धांत (1945)
(a) सिद्धांत का सार : · विकासशील समाज चार चरणों से गुजरता है: 1. उच्च स्थिर, 2. प्रारंभिक विस्तार, 3. उत्तर विस्तार, 4. निम्न स्थिर। बाद में पाँचवाँ चरण – ह्रासमान (Declining)।
(b) किताबें : "Population – The Long View" (1945), "Economic Problems of Population" (1944)
(c) आलोचना : · यूरोसेंट्रिक – भारत में दूसरे चरण में अटका। · जॉन काल्डवेल : अफ्रीका में बच्चे आर्थिक संपत्ति होते हैं।
अतिरिक्त बातें : · नोटस्टीन ने "Population Explosion" शब्द लोकप्रिय बनाया। · भारत की राष्ट्रीय परिवार नियोजन नीति (1952) इन्हीं से प्रभावित।
Key Takeaways : जापान, जर्मनी घट रहे; भारत दूसरे-तीसरे चरण के बीच।
4 चार्ल्स पेटन ब्लैकर (C.R. Blacker) – पाँच चरणों वाला मॉडल (1947)
(a) सिद्धांत : High Stationary, Early Expanding, Late Expanding, Low Stationary, Diminishing (Declining) – नोटस्टीन का विस्तार।
(c) आलोचना : · यूजीनिक्स समर्थक, "बेहतर" लोगों को अधिक बच्चे के लिए प्रोत्साहन – नैतिक रूप से गलत। · कार्ल सैक्स : "ब्लैकर ने केवल रंग-रोगन किया"।
अतिरिक्त : रॉयल कमीशन ऑन पॉपुलेशन के सदस्य, यूजीनिक्स सोसायटी के अध्यक्ष।
Key Takeaways : नोटस्टीन को ही सजाया, नया ढांचा नहीं।
5 कार्ल मार्क्स (Karl Marx) – सामाजिक चेतना / अतिरिक्त जनसंख्या (1867)
(a) सिद्धांत : · अकाल का कारण पूंजीवादी व्यवस्था। · आपेक्षिक अतिरिक्त जनसंख्या (आर्मी ऑफ अनएम्प्लॉयड)। · माल्थस के "प्रकृति कंजूस" के बिल्कुल विपरीत।
(b) किताबें : "Das Kapital" (1867), "Communist Manifesto", "Poverty of Philosophy"
(c) आलोचना : · मार्क्सवादी देशों (चीन) ने एक-बच्चा नीति अपनाई – माल्थस वाला रास्ता।
अतिरिक्त : मार्क्स ने माल्थस को कभी नहीं देखा। भारत में के.एन. राज ने मार्क्स का उपयोग करते हुए कहा – गरीबी वितरण की है, जनसंख्या की नहीं।
6 थॉमस डबलडे (Thomas Doubleday) – जैविक सिद्धांत (1842)
(a) सार : जितना अधिक और अच्छा भोजन, उतनी कम प्रजनन क्षमता। अमीरों के बच्चे कम, गरीबों के ज़्यादा, मध्यम वर्ग सबसे ज़्यादा।
(b) पुस्तक : "The True Law of Population" (1842)
अतिरिक्त : ब्रिटिश राजनीतिज्ञ, चार्टिस्ट आंदोलन से जुड़े। केरल में उच्च शिक्षा के बाद जन्मदर गिरना – कुछ विद्वान डबलडे से जोड़ते हैं।
Key Takeaways : पोषण और प्रजनन के उल्टे संबंध को रखने वाले पहले विचारक।
7 थॉमस सैडलर (Thomas Sadler) – भाग्य/पूर्वनियति सिद्धांत (1830)
(a) सार : जनसंख्या प्राकृतिक नियम या पूर्वनियति से चलती है – इसे कोई नहीं बदल सकता। 41 देशों के आँकड़े – घनत्व अधिक होने पर प्रजनन कम।
(c) आलोचना : जॉन स्टुअर्ट मिल – "डेटा झूठा, अपने सिद्धांत के अनुकूल चुनाव"।
अतिरिक्त : पादरी, हिंदू ज्योतिष व इस्लामी 'मक्तूब' से मेल।
8 हर्बर्ट स्पेंसर (Herbert Spencer) – आहार/पोषण सिद्धांत (1860)
(a) सार : जितना सुपोषित, प्रजनन क्षमता कम; उन्नत प्रजातियों में जन्मदर कम – विवादित नस्लीय दृष्टिकोण।
(b) पुस्तक : "Principles of Biology" (1864-67)
अतिरिक्त : "सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट" शब्द गढ़ा, कभी शादी नहीं की। आज अकादमिक रूप से बदनाम।
9 हार्वे लीबेंस्टीन (Harvey Leibenstein) – प्रेरणा/निर्णय सिद्धांत (1957)
(a) सार : परिवार बच्चा पैदा क्यों करता है – लागत-लाभ (Cost-Benefit)। लाभ: खेत में मदद, बुढ़ापे की सुरक्षा। लागत: भोजन, शिक्षा।
(c) आलोचना : अमर्त्य सेन – केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, सामाजिक ढाँचा भी। नारीवादी आलोचना।
उपयोग : भारत के परिवार नियोजन कार्यक्रम – "दो बच्चों की लागत, एक का लाभ"
10 ह्यूग डाल्टन (Hugh Dalton) – इष्टतम जनसंख्या (कैनन को आगे बढ़ाया)
(a) सार : राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय दोनों अधिकतम हों। अल्प और अधिक जनसंख्या के बीच अंतर स्पष्ट।
(b) पुस्तक : "Principles of Public Finance" (1922)
अतिरिक्त : ब्रिटेन के चांसलर ऑफ द एक्सचेकर (1945-47) – भारत के पहले वित्त आयोग में उल्लेख।
11 कार-सौंडर्स (Carr-Saunders) – इष्टतम जनसंख्या + जीव विज्ञान (1922)
(a) सार : वहन क्षमता (Carrying Capacity), घनत्व-निर्भरता, जनसंख्या गुणवत्ता।
(b) पुस्तक : "The Population Problem: A Study in Human Evolution" (1922)
अतिरिक्त : LSE के निदेशक (1937-56); भारत की परिवार नियोजन नीति (1952) में हवाला।
12 विलियम स्टेनली जेवन्स (W.S. Jevons) – “कोयला प्रश्न” (1865)
(a) सार : कोयला खत्म हो जाएगा, ब्रिटेन की औद्योगिक शक्ति समाप्त। जेवन्स विरोधाभास: दक्षता बढ़ाने से खपत बढ़ती है।
(b) पुस्तक : "The Coal Question" (1865)
अतिरिक्त : सीमांत उपयोगिता के संस्थापक, भारत के कोयला भंडार पर लिखा।
13 केनेथ बोल्डिंग (Kenneth Boulding) – “स्पेसशिप अर्थ” (1966)
(a) सार : पृथ्वी = बंद स्पेसशिप। काउबॉय इकोनॉमी (असीमित) vs स्पेसशिप इकोनॉमी (पुनर्चक्रण)।
प्रसिद्ध उद्धरण : "कोई चीज़ तब तक टिकाऊ नहीं जब तक पुनर्चक्रणीय न हो।"
Key Takeaways : संयुक्त राष्ट्र, जलवायु सम्मेलनों में सबसे लोकप्रिय सादृश्य।
14 गैरेट हार्डिन (Garrett Hardin) – “ट्रेजेडी ऑफ द कॉमन्स” (1968)
(a) सार : साझा चरागाह – हर चरवाहा और गाय डालता है → चरागाह नष्ट। बिना नियम के साझा संसाधन हमेशा खत्म।
(c) आलोचना : एलिनोर ओस्ट्रोम ने सिद्ध किया – ट्रेजेडी अपरिहार्य नहीं। समुदाय स्वयं प्रबंधन कर सकते हैं।
अतिरिक्त : हार्डिन यूजीनिकिस्ट – विवादित।
15 एलिनोर ओस्ट्रोम (Elinor Ostrom) – “कॉमन्स पर शासन” (1990)
(a) सार : हार्डिन को चुनौती – समुदाय बिना निजीकरण या सरकारी हस्तक्षेप के साझा संसाधन बचा सकते हैं। 2009 में अर्थशास्त्र का नोबेल (पहली महिला)।
भारत कनेक्शन : तालाब प्रबंधन, आंध्र प्रदेश के सिंचाई समूहों पर अध्ययन।
16 हरमन डेली (Herman Daly) – “स्थिर राज्य अर्थव्यवस्था” (1970)
(a) सार : सीमित पृथ्वी पर अनंत विकास असंभव। जनसंख्या स्थिर, भौतिक पूंजी स्थिर, मेटाबॉलिक फ्लो।
पुस्तक : "Steady-State Economics" (1977)
विश्व बैंक के वरिष्ठ अर्थशास्त्री (1988-94) – भीतर से सिस्टम को चुनौती दी।
17 जोहान रॉकस्ट्रॉम (Johan Rockström) – “ग्रहों की सीमाएँ” (2009)
(a) सार : 9 ग्रहीय सीमाएँ (जलवायु, जैव विविधता, नाइट्रोजन-फास्फोरस, ओजोन, अम्लीकरण, मीठा पानी, भूमि उपयोग, रासायनिक प्रदूषण, एरोसोल)। 2023 तक 6 सीमाएँ पार।
भारत : CO₂, नाइट्रोजन, जैव विविधता – तीनों सीमाओं के पार।
18 विलियम नॉर्डहॉस (William Nordhaus) – DICE मॉडल (1990)
(a) सार : जलवायु-अर्थव्यवस्था गतिशील मॉडल। सामाजिक लागत का कार्बन (SCC)। नॉर्डहॉस को 2018 का नोबेल।
(c) आलोचना (स्टर्न) : छूट दर बहुत अधिक – भविष्य के नुकसान को कम आंकना।
19 रेचेल कार्सन (Rachel Carson) – “साइलेंट स्प्रिंग” (1962)
(a) सार : DDT पक्षियों और मनुष्यों को मार रहा है। "साइलेंट स्प्रिंग" का मतलब – वसंत बिना पक्षियों की चहचहाहट।
प्रभाव : आधुनिक पर्यावरण आंदोलन, EPA की स्थापना (1970)।
20 डेविड रिकार्डो (David Ricardo) – “प्रकृति कृपण है” (1817)
(a) सार : भूमि सीमित और घटती उत्पादकता। माल्थस के मित्र।
भारत से कनेक्शन : ब्रिटिश राज में भूमि किराया सिद्धांत लागू।
21 जॉन स्टुअर्ट मिल (J.S. Mill) – माल्थस से प्रभावित लेकिन आशावादी (1848)