Nobel prize economist
Economics Nobel Prize Winners (1969–2025)
1. शुरुआती दौर (1969-1979)
- 1969: Ragnar Frisch (नॉर्वे) और Jan Tinbergen (नीदरलैंड): ये वही हैं जिनके बारे में आपने लिखा। इन्होंने अर्थशास्त्र में गणित और आँकड़ों का उपयोग शुरू किया (Econometrics) और आर्थिक प्रक्रियाओं को समझने के लिए डायनामिक मॉडल बनाए।
- 1970: Paul Samuelson (USA): आपने सही लिखा। इन्होंने माइक्रो और मैक्रो इकोनॉमिक्स को गणितीय और वैज्ञानिक आधार दिया।
- 1971: Simon Kuznets (USA): आपके अनुसार "देश अमीर है या गरीब यह मापा"। इन्होंने राष्ट्रीय आय (GDP) मापने की आधुनिक पद्धति विकसित की।
- 1972: Kenneth Arrow (USA) और John Hicks (UK): सामान्य आर्थिक संतुलन (General Equilibrium) और कल्याण अर्थशास्त्र (Welfare Economics) के सिद्धांतों को विकसित किया।
- 1973: Wassily Leontief (USA): इनपुट-आउटपुट (Input-Output) विश्लेषण विकसित किया, जो बताता है कि उद्योग एक-दूसरे पर कैसे निर्भर हैं।
- 1974: Gunnar Myrdal (स्वीडन) और Friedrich Hayek (UK): अर्थशास्त्र, समाज और संस्थानों के आपसी संबंधों का गहन विश्लेषण किया।
- 1975: Leonid Kantorovich (USSR) और Tjalling Koopmans (USA): संसाधनों के सबसे अच्छे उपयोग (Resource Allocation) का सिद्धांत दिया।
- 1976: Milton Friedman (USA): मुद्रावाद (Monetarism) के जनक। इन्होंने बताया कि बाजार में पैसे की मात्रा का सबसे ज्यादा असर होता है।
- 1977: Bertil Ohlin (स्वीडन) और James Meade (UK): अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के सिद्धांत को नई दिशा दी।
- 1978: Herbert Simon (USA): कंपनियों में निर्णय लेने की प्रक्रिया (Decision-making process) का अध्ययन किया।
- 1979: Theodore Schultz (USA) और Arthur Lewis (UK): विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था (Development Economics) पर गहन शोध किया।
2. नए सिद्धांत और विस्तार (1980-1989)
- 1980: Lawrence Klein (USA): अर्थव्यवस्था की भविष्यवाणी करने वाले बड़े इकोनोमेट्रिक मॉडल (Large Econometric Models) बनाए।
- 1981: James Tobin (USA): वित्तीय बाजारों और उनके अर्थव्यवस्था पर असर (Tobin Tax) पर काम किया।
- 1982: George Stigler (USA): बाजार कैसे काम करते हैं और सरकारी नियमों के असर का विश्लेषण किया।
- 1983: Gerard Debreu (USA): सामान्य संतुलन सिद्धांत को गणितीय रूप से बहुत सटीक बनाया।
- 1984: Richard Stone (UK): राष्ट्रीय आय के हिसाब-किताब (National Accounting) की व्यवस्था बनाई।
- 1985: Franco Modigliani (USA): बचत और वित्तीय बाजारों पर जीवन-चक्र परिकल्पना (Life Cycle Hypothesis) दी।
- 1986: James Buchanan (USA): सरकारी निर्णयों को समझने के लिए अर्थशास्त्र का इस्तेमाल किया (Public Choice Theory)।
- 1987: Robert Solow (USA): आर्थिक विकास का मॉडल दिया। बताया कि लंबे समय में तकनीकी प्रगति (Technology) ही विकास का मुख्य कारण है।
- 1988: Maurice Allais (France): बाजार सिद्धांत और जोखिम के तहत निर्णय लेने पर काम किया।
- 1989: Trygve Haavelmo (नॉर्वे): इकोनोमेट्रिक्स में संभाव्यता (Probability) का उपयोग शुरू किया, जिससे अनुमान लगाना आसान हुआ।
3. आधुनिक अर्थशास्त्र का उदय (1990-1999)
- 1990: Harry Markowitz, Merton Miller, William Sharpe (USA): वित्तीय अर्थशास्त्र (Financial Economics) की नींव रखी। शेयर बाजार, निवेश और जोखिम प्रबंधन के सिद्धांत दिए।
- 1991: Ronald Coase (USA): लेन-देन की लागत (Transaction Cost) और संपत्ति के अधिकार (Property Rights) को समझाया।
- 1992: Gary Becker (USA): अर्थशास्त्र के दायरे को परिवार, शादी, अपराध जैसे सामाजिक मुद्दों तक बढ़ाया।
- 1993: Robert Fogel और Douglass North (USA): अर्थशास्त्र के सिद्धांतों का इस्तेमाल इतिहास समझने के लिए किया (Cliometrics)।
- 1994: John Nash, John Harsanyi, Reinhard Selten: गेम थ्योरी (Game Theory) को विकसित किया, जो प्रतिस्पर्धा और सहयोग की गणितीय समझ देती है।
- 1995: Robert Lucas Jr. (USA): तर्कसंगत प्रत्याशाएं (Rational Expectations) का सिद्धांत दिया, जिससे पता चलता है कि लोग भविष्य की नीतियों का अंदाजा लगाकर अपना व्यवहार बदल लेते हैं।
- 1996: James Mirrlees (UK) और William Vickrey (USA): जानकारी न होने की स्थिति (Asymmetric Information) में सही प्रोत्साहन (Incentives) और टैक्स कैसे डिजाइन करें, यह बताया।
- 1997: Robert Merton और Myron Scholes (USA): ब्लैक-स्कोल्स मॉडल (Black-Scholes Model) बनाया, जो शेयर बाजार के ऑप्शंस (Derivatives) की कीमत लगाने का सूत्र है।
- 1998: Amartya Sen (भारत): कल्याण अर्थशास्त्र (Welfare Economics) और गरीबी मापने के नए तरीके दिए। जीवन की क्षमता (Capability Approach) पर काम किया।
- 1999: Robert Mundell (Canada): इष्टतम मुद्रा क्षेत्र (Optimum Currency Areas) का सिद्धांत दिया और यूरो मुद्रा की नींव रखने में मदद की।
4. 21वीं सदी की पहली पारी (2000-2009)
- 2000: James Heckman और Daniel McFadden (USA): सूक्ष्म उपभोक्ता व्यवहार (Micro-econometrics) के लिए नए सांख्यिकीय तरीके विकसित किए।
- 2001: George Akerlof, Michael Spence, Joseph Stiglitz (USA): असममित सूचना (Asymmetric Information) के बाजार (जैसे पुरानी कार या बीमा बाजार) का विस्तृत विश्लेषण किया।
- 2002: Daniel Kahneman (USA/इज़राइल) और Vernon Smith (USA): व्यवहार अर्थशास्त्र (Behavioural Economics) की नींव रखी। पारंपरिक अर्थशास्त्र में मनोविज्ञान को शामिल किया।
- 2003: Robert Engle (USA) और Clive Granger (UK): समय के साथ बदलने वाले आर्थिक आंकड़ों (Time Series) का विश्लेषण करने के तरीके दिए।
- 2004: Finn Kydland (नॉर्वे) और Edward Prescott (USA): व्यापार चक्र (Business Cycles) और आर्थिक नीतियों की समय संगति (Time Consistency) पर काम किया।
- 2005: Robert Aumann (इज़राइल) और Thomas Schelling (USA): गेम थ्योरी का उपयोग करके संघर्ष और सहयोग की प्रक्रिया को समझाया।
- 2006: Edmund Phelps (USA): मुद्रास्फीति और बेरोजगारी के बीच ट्रेड-ऑफ (Phillips Curve) को समझने में योगदान दिया।
- 2007: Leonid Hurwicz, Eric Maskin, Roger Myerson (USA): बाजार और नीलामी के नियमों को डिजाइन करने का सिद्धांत (Mechanism Design Theory) विकसित किया।
- 2008: Paul Krugman (USA): पैमाने की अर्थव्यवस्था (Economies of Scale) के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक भूगोल को समझाया।
- 2009: Elinor Ostrom (USA) और Oliver Williamson (USA): आम संसाधनों (Commons) के प्रबंधन और कंपनियों की सीमाओं (Governance) का अध्ययन किया।
5. हाल के वर्ष (2010-2025)
- 2010: Peter Diamond, Dale Mortensen, Christopher Pissarides: नौकरी ढूंढने और मिलान (Search and Matching) के बाजारों का विश्लेषण किया।
- 2011: Thomas Sargent और Christopher Sims (USA): अर्थव्यवस्था पर नीतियों के कारण और प्रभाव (Cause and Effect) का पता लगाने के तरीके दिए।
- 2012: Alvin Roth और Lloyd Shapley (USA): बाजारों में संसाधनों को कुशलता से मिलाने (Matching) का सिद्धांत दिया (जैसे स्कूल में दाखिले या किडनी डोनेशन में)।
- 2013: Eugene Fama, Lars Hansen, Robert Shiller (USA): संपत्तियों (जैसे शेयर या घर) की कीमतों के दीर्घकालिक व्यवहार का अध्ययन किया।
- 2014: Jean Tirole (France): बड़ी कंपनियों (Monopoly/ Oligopoly) के व्यवहार और उनके नियमन (Regulation) का विश्लेषण किया।
- 2015: Angus Deaton (UK): गरीबी, स्वास्थ्य और कल्याण पर डेटा आधारित अध्ययन किया।
- 2016: Oliver Hart (UK) और Bengt Holmström (Finland): अनुबंध सिद्धांत (Contract Theory) को विकसित किया, जो बताता है कि लोग सौदे कैसे तय करते हैं।
- 2017: Richard Thaler (USA): व्यवहार अर्थशास्त्र (Behavioural Economics) को और आगे बढ़ाया और "नजर न लगने वाला हाथ" (Nudge) सिद्धांत दिया।
- 2018: Paul Romer और William Nordhaus (USA): तकनीकी नवाचार (Innovation) और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) को दीर्घकालिक विकास के मॉडल में शामिल किया।
- 2019: Abhijit Banerjee, Esther Duflo, Michael Kremer: गरीबी कम करने के लिए रैंडमाइज्ड कंट्रोल ट्रायल (Randomized Experiments) का इस्तेमाल किया।
- 2020: Paul Milgrom और Robert Wilson (USA): नीलामी सिद्धांत (Auction Theory) और नीलामी के नए प्रारूप (जैसे स्पेक्ट्रम नीलामी) विकसित किए।
- 2021: David Card, Joshua Angrist, Guido Imbens: प्राकृतिक प्रयोगों (Natural Experiments) का उपयोग करके श्रम बाजार और कारण संबंधों का विश्लेषण किया।
- 2022: Ben Bernanke, Douglas Diamond, Philip Dybvig (USA): बैंकों की भूमिका और वित्तीय संकटों (Financial Crises) के कारणों को समझाया।
- 2023: Claudia Goldin (USA): महिलाओं के श्रम बाजार में इतिहास, कारणों और बदलाव का गहन विश्लेषण किया।
- 2024: Daron Acemoglu, Simon Johnson, James Robinson: देशों की समृद्धि के पीछे संस्थाओं (Institutions) की भूमिका को रेखांकित किया।
- 2025: Joel Mokyr (USA/Israel), Philippe Aghion (France), Peter Howitt (Canada): रचनात्मक विनाश (Creative Destruction) के जरिए निरंतर आर्थिक विकास का सिद्धांत (Schumpeterian Growth) विकसित किया।
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