14 International economist ( TRADE POLICY, PROTECTIONISM & CUSTOMS UNION )
📦 TRADE POLICY, PROTECTIONISM & CUSTOMS UNION
5 अर्थशास्त्री — हैमिल्टन · लिस्ट · वाइनर · केम्प · बालासा
🔥 मास्टर ट्रिक : "ह ल वि के बा" | अंग्रेजी: "H L V K B"
✅ एक लाइन में : हैमिल्टन (US शिशु) → लिस्ट (German शिशु) → वाइनर (Creation/Diversion) → केम्प (सबसे सस्ता बाहरी) → बालासा (5 चरण)
✅ एक लाइन में : हैमिल्टन (US शिशु) → लिस्ट (German शिशु) → वाइनर (Creation/Diversion) → केम्प (सबसे सस्ता बाहरी) → बालासा (5 चरण)
📦 बॉक्स 1 – अलेक्जेंडर हैमिल्टन (Alexander Hamilton, 1755-1804)
🔹 एक लाइन में
नए उद्योग (शिशु उद्योग) शुरू में विकसित देशों के स्थापित उद्योगों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। इसलिए इन्हें टैरिफ और संरक्षण देकर बड़ा किया जाना चाहिए, बाद में मुक्त व्यापार की अनुमति दी जानी चाहिए।🔹 क्यों आया?
अमेरिका नवीन स्वतंत्र देश था (1776)। ब्रिटेन के स्थापित उद्योग अमेरिकी उद्योगों को बर्बाद कर रहे थे। हैमिल्टन ने कहा – संरक्षण जरूरी है, नहीं तो अमेरिकी उद्योग कभी विकसित नहीं होंगे।🔹 कब और कहाँ?
1791, अमेरिका। पुस्तक – Report on Manufactures (अमेरिकी कांग्रेस को रिपोर्ट)🔹 शिशु उद्योग संरक्षण का तर्क (परीक्षा में बार-बार)
1. नए उद्योगों की प्रारंभिक लागत अधिक होती है।2. विकसित देशों के उद्योगों को अनुभव और पैमाने का लाभ होता है।
3. अस्थायी संरक्षण (टैरिफ, कोटा) से नए उद्योग सीख लेंगे और प्रतिस्पर्धी बन जाएंगे।
4. एक बार प्रतिस्पर्धी हो जाने पर संरक्षण हटा देना चाहिए।
🔹 मान्यताएँ (Assumptions)
1. नए उद्योगों में पैमाने की अर्थव्यवस्थाएँ (economies of scale) होती हैं।2. सीखने की प्रक्रिया (learning by doing) से लागत घटती है।
3. संरक्षण अस्थायी होना चाहिए – स्थायी नहीं।
4. सरकार सही उद्योग की पहचान कर सकती है।
📌 सरल उदाहरण: · 1990 के दशक में भारत का IT उद्योग – शुरू में सरकार ने टैरिफ और अन्य सहायता दी, आज यह दुनिया में अग्रणी है।
· दक्षिण कोरिया का ऑटोमोबाइल उद्योग – शुरू में संरक्षण मिला, अब Hyundai, Kia वैश्विक ब्रांड हैं।
· दक्षिण कोरिया का ऑटोमोबाइल उद्योग – शुरू में संरक्षण मिला, अब Hyundai, Kia वैश्विक ब्रांड हैं।
🔹 सीमाएँ (Criticism)
1. सही उद्योग की पहचान – सरकार गलत उद्योग को भी संरक्षण दे सकती है।2. संरक्षण हटाने में देरी – एक बार संरक्षण मिल जाने पर उद्योग उसे हटाने का विरोध करते हैं (यह स्थायी हो जाता है)।
3. भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव से संरक्षण दुरुपयोग हो सकता है।
4. प्रतिशोधात्मक टैरिफ (retaliatory tariffs) – दूसरे देश भी टैरिफ लगा सकते हैं।
🔹 ट्रिक याद रखने की
"Hamilton = Help infant industries" – शिशु उद्योगों की मदद।"Infant = अस्थायी संरक्षण, फिर मुक्त व्यापार"
🔹 नोबेल?
❌ नहीं (हैमिल्टन का 1804 में निधन, नोबेल 1901 से शुरू)🔹 अतिरिक्त बातें
· हैमिल्टन अमेरिका के पहले ट्रेजरी सेक्रेटरी थे (1789-1795)।· वह अमेरिकी संविधान के निर्माताओं में से एक थे (Federalist Papers)।
· उनका Report on Manufactures (1791) अमेरिकी संरक्षणवाद का आधार है।
· बाद में फ्रेडरिक लिस्ट ने इसी विचार को जर्मनी में विकसित किया।
❓ बॉक्स 1 के प्रश्न-उत्तर (Alexander Hamilton)
प्रश्न 1: Infant Industry Argument किसने दिया?
उत्तर: अलेक्जेंडर हैमिल्टन ने (1791 में)।
उत्तर: अलेक्जेंडर हैमिल्टन ने (1791 में)।
प्रश्न 2: शिशु उद्योग से क्या मतलब है?
उत्तर: नए और विकासशील उद्योग जो स्थापित उद्योगों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते।
उत्तर: नए और विकासशील उद्योग जो स्थापित उद्योगों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते।
प्रश्न 3: हैमिल्टन ने शिशु उद्योगों के लिए क्या सुझाव दिया?
उत्तर: अस्थायी टैरिफ और संरक्षण, फिर प्रतिस्पर्धी होने पर मुक्त व्यापार।
उत्तर: अस्थायी टैरिफ और संरक्षण, फिर प्रतिस्पर्धी होने पर मुक्त व्यापार।
प्रश्न 4: हैमिल्टन की मुख्य पुस्तक/रिपोर्ट कौन सी है?
उत्तर: Report on Manufactures (1791)।
उत्तर: Report on Manufactures (1791)।
प्रश्न 5: हैमिल्टन किस देश के अर्थशास्त्री और राजनेता थे?
उत्तर: अमेरिका (पहले ट्रेजरी सेक्रेटरी)।
उत्तर: अमेरिका (पहले ट्रेजरी सेक्रेटरी)।
प्रश्न 6: क्या हैमिल्टन को नोबेल मिला?
उत्तर: नहीं।
उत्तर: नहीं।
प्रश्न 7: शिशु उद्योग संरक्षण की एक सीमा बताएँ।
उत्तर: एक बार संरक्षण मिलने पर उद्योग उसे हटाने का विरोध करते हैं – यह स्थायी हो जाता है।
उत्तर: एक बार संरक्षण मिलने पर उद्योग उसे हटाने का विरोध करते हैं – यह स्थायी हो जाता है।
प्रश्न 8: उदाहरण दें – किस देश ने इस सिद्धांत का सफलतापूर्वक उपयोग किया?
उत्तर: दक्षिण कोरिया (ऑटोमोबाइल), भारत (IT), चीन (स्टील)।
उत्तर: दक्षिण कोरिया (ऑटोमोबाइल), भारत (IT), चीन (स्टील)।
प्रश्न 9: हैमिल्टन किस दस्तावेज़ के निर्माता थे?
उत्तर: अमेरिकी संविधान और Federalist Papers।
उत्तर: अमेरिकी संविधान और Federalist Papers।
प्रश्न 10: शिशु उद्योग संरक्षण कैसा होना चाहिए?
उत्तर: अस्थायी (temporary) – जब तक उद्योग प्रतिस्पर्धी न हो जाए।
उत्तर: अस्थायी (temporary) – जब तक उद्योग प्रतिस्पर्धी न हो जाए।
📦 बॉक्स 2 – फ्रेडरिक लिस्ट (Friedrich List, 1789-1846)
🔹 एक लाइन में
जर्मनी जैसे पिछड़े देशों को अपने उद्योगों की रक्षा के लिए टैरिफ लगाना चाहिए, क्योंकि इंग्लैंड (विकसित देश) का मुक्त व्यापार उनके उद्योगों को नष्ट कर देगा। एक बार उद्योग विकसित हो जाने पर मुक्त व्यापार अपनाना चाहिए।🔹 क्यों आया?
हैमिल्टन के विचारों से प्रभावित। लिस्ट ने देखा कि इंग्लैंड ने अपने उद्योगों को संरक्षण देकर विकसित किया, लेकिन अब वह दूसरे देशों को मुक्त व्यापार का उपदेश दे रहा था। लिस्ट ने कहा – यह पाखंड है। जर्मनी को भी पहले संरक्षण चाहिए।🔹 कब और कहाँ?
1841, जर्मनी। पुस्तक – The National System of Political Economy🔹 लिस्ट का मुख्य तर्क (परीक्षा में बार-बार)
1. "Foolish cosmopolitanism" – एडम स्मिथ की मुक्त व्यापार की वकालत को लिस्ट ने मूर्खतापूर्ण बताया।2. हर देश को अपने राष्ट्रीय हित को देखना चाहिए।
3. विकासशील देशों को संरक्षण चाहिए, जबकि विकसित देश मुक्त व्यापार का लाभ उठा सकते हैं।
4. शिशु उद्योग संरक्षण – अस्थायी होना चाहिए (20-30 साल)।
🔹 मान्यताएँ (Assumptions)
1. विकसित और विकासशील देशों के बीच प्रारंभिक असमानता है।2. पैमाने की अर्थव्यवस्थाएँ समय के साथ लागत कम करती हैं।
3. सीखने की प्रक्रिया से उत्पादकता बढ़ती है।
4. सरकार सही उद्योगों की पहचान कर सकती है।
📌 सरल उदाहरण: · जर्मनी 19वीं सदी में – संरक्षणवादी नीतियों ने जर्मन उद्योगों को विकसित किया।
· चीन 1980-2000 – स्थानीय उद्योगों को संरक्षण दिया, फिर विश्व व्यापार संगठन (WTO) में शामिल हुआ।
· भारत 1950-1991 – आयात प्रतिस्थापन (Import Substitution) – स्वदेशी उद्योगों को संरक्षण।
· चीन 1980-2000 – स्थानीय उद्योगों को संरक्षण दिया, फिर विश्व व्यापार संगठन (WTO) में शामिल हुआ।
· भारत 1950-1991 – आयात प्रतिस्थापन (Import Substitution) – स्वदेशी उद्योगों को संरक्षण।
🔹 सीमाएँ (Criticism)
1. संरक्षण स्थायी हो सकता है – उद्योग संरक्षण हटाने का विरोध करते हैं।2. किस उद्योग को संरक्षण देना है – सरकार गलती कर सकती है।
3. प्रतिशोधात्मक टैरिफ – दूसरे देश भी टैरिफ लगा सकते हैं।
4. उपभोक्ताओं को नुकसान – टैरिफ से कीमतें बढ़ती हैं।
🔹 हैमिल्टन और लिस्ट में अंतर (परीक्षा में पूछा जाता है)
हैमिल्टन – अमेरिकी संदर्भ में, व्यावहारिक और राजनेता, केवल संरक्षण का सुझाव।लिस्ट – जर्मन संदर्भ में, सैद्धांतिक और अकादमिक, पूरा राष्ट्रीय व्यवस्था सिद्धांत, स्मिथ की मुक्त व्यापार को चुनौती दी।
🔹 ट्रिक याद रखने की
"List = German Infant" – जर्मनी के शिशु उद्योगों की रक्षा।"List ने List दी" – उद्योगों की लिस्ट बनाओ, फिर संरक्षण दो।
🔹 नोबेल?
❌ नहीं (1846 में निधन, नोबेल 1901 से शुरू)🔹 अतिरिक्त बातें
· लिस्ट जर्मन सीमा शुल्क संघ (Zollverein) के प्रबल समर्थक थे।· उन्होंने रेलवे नेटवर्क के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
· उनका सिद्धांत बाद में विकासशील देशों की औद्योगिक नीति का आधार बना।
· उन्होंने स्मिथ के मुक्त व्यापार को "English cosmopolitanism" कहा।
❓ बॉक्स 2 के प्रश्न-उत्तर (Friedrich List)
प्रश्न 1: फ्रेडरिक लिस्ट ने शिशु उद्योग सिद्धांत कब दिया?
उत्तर: 1841 में – पुस्तक The National System of Political Economy।
उत्तर: 1841 में – पुस्तक The National System of Political Economy।
प्रश्न 2: लिस्ट ने एडम स्मिथ के मुक्त व्यापार को क्या कहा?
उत्तर: "Foolish cosmopolitanism" (मूर्खतापूर्ण सार्वभौमिकता)।
उत्तर: "Foolish cosmopolitanism" (मूर्खतापूर्ण सार्वभौमिकता)।
प्रश्न 3: लिस्ट किस देश के अर्थशास्त्री थे?
उत्तर: जर्मनी।
उत्तर: जर्मनी।
प्रश्न 4: लिस्ट ने किस संघ का समर्थन किया?
उत्तर: जर्मन सीमा शुल्क संघ (Zollverein)।
उत्तर: जर्मन सीमा शुल्क संघ (Zollverein)।
प्रश्न 5: लिस्ट के अनुसार, संरक्षण कैसा होना चाहिए?
उत्तर: अस्थायी (20-30 साल)।
उत्तर: अस्थायी (20-30 साल)।
प्रश्न 6: क्या लिस्ट को नोबेल मिला?
उत्तर: नहीं।
उत्तर: नहीं।
प्रश्न 7: लिस्ट और हैमिल्टन में एक अंतर बताएँ।
उत्तर: हैमिल्टन व्यावहारिक राजनेता थे; लिस्ट सैद्धांतिक अर्थशास्त्री थे।
उत्तर: हैमिल्टन व्यावहारिक राजनेता थे; लिस्ट सैद्धांतिक अर्थशास्त्री थे।
प्रश्न 8: लिस्ट ने किसकी आलोचना की?
उत्तर: एडम स्मिथ के मुक्त व्यापार सिद्धांत की।
उत्तर: एडम स्मिथ के मुक्त व्यापार सिद्धांत की।
प्रश्न 9: लिस्ट के सिद्धांत का आज कहाँ उपयोग होता है?
उत्तर: विकासशील देशों (भारत, चीन, ब्राजील) की औद्योगिक नीति में।
उत्तर: विकासशील देशों (भारत, चीन, ब्राजील) की औद्योगिक नीति में।
प्रश्न 10: 'The National System of Political Economy' किसकी पुस्तक है?
उत्तर: फ्रेडरिक लिस्ट की (1841)।
उत्तर: फ्रेडरिक लिस्ट की (1841)।
📦 बॉक्स 3 – जैकब वाइनर (Jacob Viner, 1892-1970)
🔹 एक लाइन में
जब दो देश सीमा शुल्क संघ (Customs Union) बनाते हैं, तो दो परिणाम हो सकते हैं – ट्रेड क्रिएशन (अच्छा) और ट्रेड डायवर्जन (बुरा)। ट्रेड क्रिएशन तब होता है जब महँगे घरेलू उत्पादन की जगह सस्ता साझेदार देश का आयात लेता है। ट्रेड डायवर्जन तब होता है जब सस्ते गैर-सदस्य देश के आयात की जगह महँगा साझेदार देश का आयात लेता है।🔹 क्यों आया?
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में सीमा शुल्क संघों का चलन बढ़ा। वाइनर ने यह बताने के लिए – क्या ये संघ वास्तव में लाभदायक हैं? उन्होंने दिखाया – हमेशा नहीं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि ट्रेड क्रिएशन ज्यादा है या ट्रेड डायवर्सन।🔹 कब और कहाँ?
1950, कनाडा/अमेरिका। पुस्तक – The Customs Union Issue🔹 ट्रेड क्रिएशन (Trade Creation) – सरल उदाहरण
भारत (घरेलू) – गेहूँ ₹25/kg, पाकिस्तान (साझेदार) – ₹15/kg, चीन (गैर-सदस्य) – ₹10/kg। पहले (टैरिफ 50%): पाकिस्तान ₹22.5, चीन ₹15, घरेलू ₹25। सीमा शुल्क संघ के बाद (भारत-पाकिस्तान के बीच टैरिफ हटा): पाकिस्तान ₹15, चीन ₹15 → भारत पाकिस्तान से खरीदेगा – ट्रेड क्रिएशन (घरेलू ₹25 की जगह ₹15) → लाभ।🔹 ट्रेड डायवर्सन (Trade Diversion) – सरल उदाहरण
भारत घरेलू ₹25, पाकिस्तान ₹20, चीन ₹12। पहले (टैरिफ 50%): पाकिस्तान ₹30, चीन ₹18 → भारत चीन से खरीदता था। सीमा शुल्क संघ के बाद: पाकिस्तान ₹20, चीन ₹18 → भारत पाकिस्तान से खरीदेगा – ट्रेड डायवर्सन (सस्ते ₹18 की जगह महँगा ₹20) → नुकसान।🔹 सीमा शुल्क संघ (Customs Union) कब लाभदायक है?
· ट्रेड क्रिएशन > ट्रेड डायवर्सन → लाभदायक· ट्रेड डायवर्सन > ट्रेड क्रिएशन → हानिकारक
🔹 मान्यताएँ (Assumptions)
1. दो देश सीमा शुल्क संघ बनाते हैं।2. एक गैर-सदस्य देश होता है।
3. स्थिर लागत मानी जाती है।
4. कोई पैमाने की अर्थव्यवस्थाएँ नहीं।
5. टैरिफ ही एकमात्र व्यापार बाधा है।
🔹 सीमाएँ (Criticism)
1. स्थिर लागत मानना अवास्तविक है।2. पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं को नज़रअंदाज़ करता है – जो संघ का मुख्य लाभ हो सकती है।
3. गतिशील लाभ (dynamic gains) – तकनीकी प्रगति, प्रतिस्पर्धा – को शामिल नहीं करता।
4. केवल दो-देश मॉडल – असल संघों में कई देश होते हैं।
🔹 ट्रिक याद रखने की
"Viner = V for Creation vs Diversion" – क्रिएशन अच्छा, डायवर्सन बुरा।"Create = Cheap (सस्ता), Divert = Dear (महँगा)"
🔹 नोबेल?
❌ नहीं (वाइनर को नोबेल नहीं मिला)🔹 अतिरिक्त बातें
· वाइनर कनाडाई मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री थे।· वह शिकागो विश्वविद्यालय और प्रिंसटन में प्रोफेसर थे।
· उन्होंने कीमत सिद्धांत (Price Theory) पर भी महत्वपूर्ण काम किया।
· The Customs Union Issue (1950) इस क्षेत्र की क्लासिक पुस्तक है।
· उनके छात्रों में मिल्टन फ्रीडमैन भी थे।
❓ बॉक्स 3 के प्रश्न-उत्तर (Jacob Viner)
प्रश्न 1: Trade Creation क्या है?
उत्तर: महँगे घरेलू उत्पादन की जगह सस्ता साझेदार देश का आयात।
उत्तर: महँगे घरेलू उत्पादन की जगह सस्ता साझेदार देश का आयात।
प्रश्न 2: Trade Diversion क्या है?
उत्तर: सस्ते गैर-सदस्य देश के आयात की जगह महँगा साझेदार देश का आयात।
उत्तर: सस्ते गैर-सदस्य देश के आयात की जगह महँगा साझेदार देश का आयात।
प्रश्न 3: वाइनर की मुख्य पुस्तक कौन सी है?
उत्तर: The Customs Union Issue (1950)
उत्तर: The Customs Union Issue (1950)
प्रश्न 4: सीमा शुल्क संघ कब लाभदायक होता है?
उत्तर: जब Trade Creation > Trade Diversion।
उत्तर: जब Trade Creation > Trade Diversion।
प्रश्न 5: क्या वाइनर को नोबेल मिला?
उत्तर: नहीं।
उत्तर: नहीं।
प्रश्न 6: वाइनर किस विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे?
उत्तर: शिकागो विश्वविद्यालय और प्रिंसटन।
उत्तर: शिकागो विश्वविद्यालय और प्रिंसटन।
प्रश्न 7: वाइनर किस देश के मूल निवासी थे?
उत्तर: कनाडा (बाद में अमेरिका)।
उत्तर: कनाडा (बाद में अमेरिका)।
प्रश्न 8: Trade Diversion का सरल उदाहरण दें।
उत्तर: भारत सस्ते चीन के गेहूँ (₹18) की जगह महँगा पाकिस्तानी गेहूँ (₹20) खरीदे।
उत्तर: भारत सस्ते चीन के गेहूँ (₹18) की जगह महँगा पाकिस्तानी गेहूँ (₹20) खरीदे।
प्रश्न 9: Trade Creation का सरल उदाहरण दें।
उत्तर: भारत महँगा घरेलू गेहूँ (₹25) छोड़कर सस्ता पाकिस्तानी गेहूँ (₹15) खरीदे।
उत्तर: भारत महँगा घरेलू गेहूँ (₹25) छोड़कर सस्ता पाकिस्तानी गेहूँ (₹15) खरीदे।
प्रश्न 10: वाइनर के सिद्धांत की एक सीमा बताएँ।
उत्तर: यह पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं (economies of scale) को नज़रअंदाज़ करता है।
उत्तर: यह पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं (economies of scale) को नज़रअंदाज़ करता है।
📦 बॉक्स 4 – मरे केम्प (Murray Kemp, 1926-2014)
🔹 एक लाइन में
यदि सीमा शुल्क संघ के सदस्य देश न्यूनतम लागत वाले बाहरी देश के साथ पहले से ही व्यापार कर रहे हैं, तो संघ हमेशा लाभदायक होता है – बशर्ते सदस्यों के बीच टैरिफ हटा दिए जाएँ।🔹 क्यों आया?
वाइनर (1950) ने दिखाया था कि सीमा शुल्क संघ हमेशा लाभदायक नहीं होता – ट्रेड डायवर्सन नुकसान कर सकता है। केम्प ने दिखाया कि कुछ शर्तों के तहत संघ हमेशा लाभदायक होता है।🔹 कब और कहाँ?
1964, ऑस्ट्रेलिया। लेख – "The Pure Theory of International Trade" (पुस्तक में)🔹 केम्प मॉडल का मुख्य तर्क (परीक्षा में बार-बार)
· केम्प का नियम: यदि संघ के सदस्य देश बाहरी देश से सबसे सस्ती दर पर पहले से ही व्यापार कर रहे हैं, तो: 1. बाहरी टैरिफ (संघ के बाहर) को संयुक्त रूप से इष्टतम स्तर पर सेट किया जा सकता है। 2. संघ के अंदर टैरिफ हटाने से सभी सदस्यों को लाभ होता है। 3. ट्रेड डायवर्सन की समस्या नहीं होती।📌 सरल उदाहरण: भारत, पाकिस्तान, चीन (तीन देश)। मान लो चीन सबसे सस्ता उत्पादक है। भारत और पाकिस्तान पहले से ही चीन से सबसे सस्ती दर पर आयात कर रहे हैं। अब भारत और पाकिस्तान सीमा शुल्क संघ बनाते हैं और अपने बीच टैरिफ हटाते हैं। परिणाम: ट्रेड डायवर्सन नहीं होगा, क्योंकि दोनों पहले से ही सबसे सस्ते बाहरी स्रोत (चीन) से ले रहे हैं। संघ केवल ट्रेड क्रिएशन (एक-दूसरे से सस्ता माल लेना) पैदा करेगा – शुद्ध लाभ।
🔹 मान्यताएँ (Assumptions)
1. तीन देश – दो सदस्य, एक बाहरी।2. सदस्य देश सबसे सस्ते बाहरी देश के साथ पहले से व्यापार कर रहे हैं।
3. स्थिर लागत (constant costs)।
4. पूर्ण प्रतियोगिता।
5. कोई पैमाने की अर्थव्यवस्थाएँ नहीं।
🔹 सीमाएँ (Criticism)
1. तीन-देश मॉडल – असल संघों में कई देश होते हैं।2. "सबसे सस्ते बाहरी देश" की पहचान करना मुश्किल है।
3. स्थिर लागत मानना अवास्तविक है।
4. गतिशील लाभ (तकनीकी प्रगति) को नज़रअंदाज़ करता है।
🔹 केम्प और वाइनर में अंतर (परीक्षा में पूछा जाता है)
वाइनर – संघ हमेशा लाभदायक नहीं, ट्रेड डायवर्सन से नुकसान, दो-देश मॉडल।केम्प – कुछ शर्तों पर संघ हमेशा लाभदायक, यदि बाहरी स्रोत पहले से सबसे सस्ता हो तो डायवर्सन नहीं, तीन-देश मॉडल।
🔹 ट्रिक याद रखने की
"Kemp = Keep external source cheapest" – बाहरी स्रोत सबसे सस्ता होना चाहिए।"Kemp ने Viner को सुधारा" – शर्तें जोड़कर।
🔹 नोबेल?
❌ नहीं (केम्प को नोबेल नहीं मिला)🔹 अतिरिक्त बातें
· केम्प ऑस्ट्रेलियाई अर्थशास्त्री थे।· वह न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे।
· उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, कल्याण अर्थशास्त्र, और प्राकृतिक संसाधन पर काम किया।
· उनकी पुस्तक "The Pure Theory of International Trade" (1964) इस क्षेत्र की क्लासिक है।
❓ बॉक्स 4 के प्रश्न-उत्तर (Murray Kemp)
प्रश्न 1: Kemp Model क्या बताता है?
उत्तर: यदि सदस्य देश सबसे सस्ते बाहरी देश से पहले से व्यापार कर रहे हैं, तो सीमा शुल्क संघ हमेशा लाभदायक होता है।
उत्तर: यदि सदस्य देश सबसे सस्ते बाहरी देश से पहले से व्यापार कर रहे हैं, तो सीमा शुल्क संघ हमेशा लाभदायक होता है।
प्रश्न 2: केम्प ने किस अर्थशास्त्री के सिद्धांत को सुधारा?
उत्तर: जैकब वाइनर के ट्रेड क्रिएशन-डायवर्सन सिद्धांत को।
उत्तर: जैकब वाइनर के ट्रेड क्रिएशन-डायवर्सन सिद्धांत को।
प्रश्न 3: केम्प किस देश के अर्थशास्त्री थे?
उत्तर: ऑस्ट्रेलिया।
उत्तर: ऑस्ट्रेलिया।
प्रश्न 4: केम्प मॉडल में कितने देश होते हैं?
उत्तर: तीन – दो सदस्य, एक बाहरी।
उत्तर: तीन – दो सदस्य, एक बाहरी।
प्रश्न 5: केम्प की मुख्य पुस्तक कौन सी है?
उत्तर: The Pure Theory of International Trade (1964)
उत्तर: The Pure Theory of International Trade (1964)
प्रश्न 6: क्या केम्प को नोबेल मिला?
उत्तर: नहीं।
उत्तर: नहीं।
प्रश्न 7: केम्प ने वाइनर में क्या शर्त जोड़ी?
उत्तर: सदस्य देशों का बाहरी सबसे सस्ते स्रोत से पहले से व्यापार करना।
उत्तर: सदस्य देशों का बाहरी सबसे सस्ते स्रोत से पहले से व्यापार करना।
प्रश्न 8: केम्प किस विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे?
उत्तर: न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय।
उत्तर: न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय।
प्रश्न 9: केम्प मॉडल के अनुसार, ट्रेड डायवर्सन कब नहीं होगा?
उत्तर: जब सदस्य देश पहले से सबसे सस्ते बाहरी स्रोत से आयात कर रहे हों।
उत्तर: जब सदस्य देश पहले से सबसे सस्ते बाहरी स्रोत से आयात कर रहे हों।
प्रश्न 10: केम्प मॉडल की एक सीमा बताएँ।
उत्तर: यह तीन-देश मॉडल है – असल संघों में कई देश होते हैं।
उत्तर: यह तीन-देश मॉडल है – असल संघों में कई देश होते हैं।
📦 बॉक्स 5 – बेला बालासा (Bela Balassa, 1928-1991)
🔹 एक लाइन में
देशों के बीच आर्थिक एकीकरण पाँच चरणों में होता है – (1) मुक्त व्यापार क्षेत्र, (2) सीमा शुल्क संघ, (3) सामान्य बाजार, (4) आर्थिक संघ, (5) पूर्ण आर्थिक एकीकरण। हर चरण एकीकरण की गहराई बढ़ाता है।🔹 क्यों आया?
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में एकीकरण का चलन बढ़ा (यूरोपीय कोयला और इस्पात समुदाय → EEC → EU)। बालासा ने इन विभिन्न स्तरों को व्यवस्थित करने के लिए यह सिद्धांत दिया।🔹 कब और कहाँ?
1961, अमेरिका (हंगरी मूल)। पुस्तक – The Theory of Economic Integration🔹 आर्थिक एकीकरण के 5 चरण (परीक्षा में बार-बार – सबसे ज्यादा पूछा जाता है)
1. मुक्त व्यापार क्षेत्र (Free Trade Area) – सदस्यों के बीच टैरिफ हटा, लेकिन प्रत्येक की अपनी बाहरी टैरिफ नीति। (उदा: NAFTA, SAFTA)2. सीमा शुल्क संघ (Customs Union) – सदस्यों के बीच टैरिफ हटा + सामान्य बाहरी टैरिफ (Common External Tariff – CET)। (उदा: यूरोपीय संघ का प्रारंभिक रूप EEC)
3. सामान्य बाजार (Common Market) – Customs Union + श्रम और पूंजी की मुक्त आवाजाही। (उदा: यूरोपीय संघ 1992 के बाद)
4. आर्थिक संघ (Economic Union) – Common Market + सामान्य मौद्रिक, राजकोषीय, सामाजिक नीतियाँ। (उदा: EU यूरोज़ोन – आंशिक)
5. पूर्ण आर्थिक एकीकरण (Complete Economic Integration) – सभी नीतियों का पूर्ण सामंजस्य + एक सरकार। (अभी तक कोई उदाहरण नहीं – यूरोपीय संघ इस तक नहीं पहुँचा)
📌 सरल उदाहरण (यूरोपीय संघ का विकास): 1. 1952 – यूरोपीय कोयला और इस्पात समुदाय (ECSC) – क्षेत्रीय मुक्त व्यापार।
2. 1957 – यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) – सीमा शुल्क संघ।
3. 1992 – यूरोपीय संघ (EU) – सामान्य बाजार (श्रम और पूंजी की मुक्त आवाजाही)।
4. 1999 – यूरोज़ोन – आर्थिक संघ (साझा मुद्रा)।
5. पूर्ण एकीकरण – अभी नहीं हुआ।
2. 1957 – यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) – सीमा शुल्क संघ।
3. 1992 – यूरोपीय संघ (EU) – सामान्य बाजार (श्रम और पूंजी की मुक्त आवाजाही)।
4. 1999 – यूरोज़ोन – आर्थिक संघ (साझा मुद्रा)।
5. पूर्ण एकीकरण – अभी नहीं हुआ।
🔹 मान्यताएँ (Assumptions)
1. देश क्रमशः एकीकरण के उच्च चरणों की ओर बढ़ते हैं (हमेशा नहीं)।2. प्रत्येक चरण का अपना अलग लाभ है।
3. राजनीतिक इच्छाशक्ति एकीकरण के लिए जरूरी है।
🔹 सीमाएँ (Criticism)
1. देश हमेशा क्रमशः नहीं बढ़ते – कभी सीधे उच्च चरण पर जा सकते हैं।2. राजनीतिक बाधाएँ – सदस्य देश अपनी नीतियाँ नहीं छोड़ना चाहते।
3. असमान विकास – कुछ सदस्य दूसरों से अधिक लाभ उठाते हैं।
4. सांस्कृतिक और भाषाई अंतर – एकीकरण में बाधा।
🔹 बालासा का मुख्य योगदान (परीक्षा में बार-बार)
1. एकीकरण के चरणों को परिभाषित और व्यवस्थित किया।2. "Revealed Comparative Advantage" (RCA) की अवधारणा भी उन्हीं की देन है – जो यह मापती है कि किसी देश को किस उत्पाद में तुलनात्मक लाभ है।
3. उन्होंने विकासशील देशों के औद्योगीकरण पर भी काम किया।
🔹 ट्रिक याद रखने की
"Balassa = 5 Steps" – एकीकरण के 5 चरण।TRICK: "F C C E C" – Free Trade Area, Customs Union, Common Market, Economic Union, Complete Integration
हिंदी: "मु स सा आ पू" – मुक्त व्यापार, सीमा शुल्क, सामान्य बाजार, आर्थिक संघ, पूर्ण एकीकरण
🔹 नोबेल?
❌ नहीं (बालासा को नोबेल नहीं मिला)🔹 अतिरिक्त बातें
· बालासा हंगरी मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री थे।· वह जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय और विश्व बैंक से जुड़े थे।
· उन्होंने विश्व बैंक में विकासशील देशों की औद्योगिक नीति पर काम किया।
· Revealed Comparative Advantage (RCA) इंडेक्स आज भी व्यापार विश्लेषण में उपयोग किया जाता है।
· उनकी पुस्तक The Theory of Economic Integration (1961) इस क्षेत्र की क्लासिक है।
❓ बॉक्स 5 के प्रश्न-उत्तर (Bela Balassa)
प्रश्न 1: आर्थिक एकीकरण के कितने चरण हैं? नाम बताएँ।
उत्तर: पाँच – मुक्त व्यापार क्षेत्र, सीमा शुल्क संघ, सामान्य बाजार, आर्थिक संघ, पूर्ण आर्थिक एकीकरण।
उत्तर: पाँच – मुक्त व्यापार क्षेत्र, सीमा शुल्क संघ, सामान्य बाजार, आर्थिक संघ, पूर्ण आर्थिक एकीकरण।
प्रश्न 2: मुक्त व्यापार क्षेत्र (Free Trade Area) क्या है?
उत्तर: सदस्यों के बीच टैरिफ हटा, लेकिन प्रत्येक की अपनी बाहरी टैरिफ नीति।
उत्तर: सदस्यों के बीच टैरिफ हटा, लेकिन प्रत्येक की अपनी बाहरी टैरिफ नीति।
प्रश्न 3: सीमा शुल्क संघ (Customs Union) क्या है?
उत्तर: सदस्यों के बीच टैरिफ हटा + सामान्य बाहरी टैरिफ (CET)।
उत्तर: सदस्यों के बीच टैरिफ हटा + सामान्य बाहरी टैरिफ (CET)।
प्रश्न 4: सामान्य बाजार (Common Market) में क्या अतिरिक्त सुविधा होती है?
उत्तर: श्रम और पूंजी की मुक्त आवाजाही।
उत्तर: श्रम और पूंजी की मुक्त आवाजाही।
प्रश्न 5: बालासा की मुख्य पुस्तक कौन सी है?
उत्तर: The Theory of Economic Integration (1961)
उत्तर: The Theory of Economic Integration (1961)
प्रश्न 6: क्या बालासा को नोबेल मिला?
उत्तर: नहीं।
उत्तर: नहीं।
प्रश्न 7: RCA का पूरा नाम क्या है और यह किसकी देन है?
उत्तर: Revealed Comparative Advantage – बेला बालासा की देन है।
उत्तर: Revealed Comparative Advantage – बेला बालासा की देन है।
प्रश्न 8: यूरोपीय संघ वर्तमान में किस चरण में है?
उत्तर: आर्थिक संघ (Economic Union) – साझा मुद्रा (यूरो) के साथ।
उत्तर: आर्थिक संघ (Economic Union) – साझा मुद्रा (यूरो) के साथ।
प्रश्न 9: पूर्ण आर्थिक एकीकरण का कोई उदाहरण दें।
उत्तर: अभी तक कोई उदाहरण नहीं – सबसे करीब यूरोपीय संघ है, लेकिन वह भी पूर्ण नहीं।
उत्तर: अभी तक कोई उदाहरण नहीं – सबसे करीब यूरोपीय संघ है, लेकिन वह भी पूर्ण नहीं।
प्रश्न 10: बालासा किन संस्थाओं से जुड़े थे?
उत्तर: जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय और विश्व बैंक।
उत्तर: जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय और विश्व बैंक।
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